RAS प्रश्न
कैबिनेट मिशन (1946) ने क्या प्रस्ताव रखा था:
सही उत्तर: (C) पाकिस्तान की मांग को खारिज करते हुए त्रि-स्तरीय संघीय संरचना।
कैबिनेट मिशन (1946) ने पाकिस्तान की मांग अस्वीकार करते हुए रक्षा, विदेश मामले और संचार तक सीमित केंद्र वाली त्रि-स्तरीय संघीय संरचना और संविधान सभा का प्रस्ताव रखा।
व्याख्या
कैबिनेट मिशन में पैथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और ए. वी. अलेक्जेंडर शामिल थे। मिशन ने मुस्लिम लीग की पूर्ण पाकिस्तान की मांग स्वीकार नहीं की, क्योंकि इससे बंगाल, पंजाब और असम के विभाजन जैसी गंभीर प्रशासनिक और आर्थिक समस्याएं खड़ी होतीं। इसके बदले उसने पूरे भारतीय क्षेत्रों का एक बहुत ढीला संघ प्रस्तावित किया, जिसमें केंद्र के पास केवल रक्षा, विदेश मामले और संचार रहें। बाकी विषय प्रांतों के पास रहते। प्रांतीय विधानसभाएं संविधान सभा चुनतीं, और चुने गए सदस्य तीन खंडों में बंटते: A गैर-मुस्लिम बहुल प्रांत, B उत्तर-पश्चिम के मुस्लिम बहुल प्रांत, और C उत्तर-पूर्व के मुस्लिम बहुल प्रांत। इसलिए सही उत्तर त्रि-स्तरीय संघीय ढांचा है, विभाजन नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) तत्काल ब्रिटिश वापसी सही नहीं है, क्योंकि मिशन ने लंबे संवैधानिक प्रबंधों के साथ तत्काल केंद्र में अंतरिम सरकार का उपाय प्रस्तावित किया था।
- (B) 20 और वर्षों तक ब्रिटिश शासन सही नहीं है, क्योंकि मिशन भारत में सत्ता के बातचीत से शांतिपूर्ण हस्तांतरण का रास्ता खोजने आया था।
- (D) भारत का विभाजन सही नहीं है, क्योंकि मिशन ने बड़े और छोटे, दोनों प्रकार के पाकिस्तान की अवधारणा अस्वीकार की थी।
अवधारणा
कैबिनेट मिशन आधुनिक भारत में सत्ता-हस्तांतरण और संवैधानिक योजनाओं की समझ से जुड़ा है। RAS में कैबिनेट मिशन बार-बार इसलिए आता है क्योंकि इससे संघीय ढांचे, संविधान सभा और विभाजन-पूर्व राजनीति तीनों जुड़ते हैं।
