RAS प्रश्न
भरतपुर पक्षी अभयारण्य की स्थापना किस वर्ष हुई?
सही उत्तर: (D) 1956।
भरतपुर पक्षी अभयारण्य, जिसे अब केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है, 1956 में पक्षी अभयारण्य के रूप में नामित हुआ था।
व्याख्या
भरतपुर पक्षी अभयारण्य की स्थापना से आशय उसके पक्षी अभयारण्य के रूप में नामित होने से है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, जिसे भरतपुर पक्षी अभयारण्य भी कहा गया, भरतपुर के दक्षिण में स्थित वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र है और यह 1956 में पक्षी अभयारण्य बना। बाद की तिथियां अलग दर्जों से जुड़ी हैं: 1981 में इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में रामसर स्थल का दर्जा मिला, 1982 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया और 1985 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया। इसलिए मांगा गया वर्ष 1956 है, 1982 नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 1975 किसी प्रमुख दर्जे के वर्ष के रूप में नहीं आता, इसलिए यह भरतपुर पक्षी अभयारण्य की स्थापना का वर्ष नहीं है।
- (B) 1982 वह वर्ष है जब इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया, जबकि पक्षी अभयारण्य के रूप में नामांकन 1956 में हो चुका था।
- (C) 1990 बहुत बाद की तिथि है और अभयारण्य, रामसर स्थल, राष्ट्रीय उद्यान या UNESCO दर्जे से जुड़ी समयरेखा में नहीं आती।
अवधारणा
राजस्थान के संरक्षित क्षेत्रों और उनके दर्जों की समयरेखा RAS के लिए महत्वपूर्ण है। अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, रामसर स्थल और विश्व धरोहर जैसे दर्जों के वर्ष अक्सर विकल्पों में उलझाए जाते हैं।
