RAS प्रश्न
1943 के बंगाल अकाल में लगभग कितने लोग मारे गए?
सही उत्तर: (D) 30 लाख।
1943 के बंगाल अकाल में लगभग 30 लाख लोग मारे गए थे।
व्याख्या
1943 का बंगाल अकाल आधुनिक भारतीय इतिहास में औपनिवेशिक शासन की नीतिगत विफलता का बड़ा उदाहरण माना जाता है। प्रेस सूचना ब्यूरो पर प्रकाशित राष्ट्रपति के भाषण में बंगाल अकाल से 30 लाख से अधिक लोगों की मौत का उल्लेख है; इसका निकटतम विकल्प 30 लाख है। यह अकाल काफी हद तक मानव निर्मित था: युद्धकालीन नीतियों, चावल निर्यात, नावों के विनाश, जमाखोरी और अपर्याप्त ब्रिटिश राहत ने संकट को घातक बनाया। इसलिए मौतों का पैमाना कोई छोटा अनुमान नहीं, बल्कि लगभग 30 लाख था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 5 लाख का अनुमान बहुत कम है, क्योंकि बंगाल अकाल में मौतों का पैमाना लगभग 30 लाख के आसपास था।
- (B) 50 लाख का आंकड़ा सही अनुमान से अधिक है; प्रचलित मान लगभग 30 लाख है।
- (C) 1 लाख का आंकड़ा अकाल की वास्तविक व्यापकता को बहुत कम दिखाता है, जबकि दर्ज अनुमान लगभग 30 लाख मौतों का है।
अवधारणा
आधुनिक भारत में औपनिवेशिक अर्थनीति, युद्धकालीन प्रशासन और अकाल-नीति की समझ ब्रिटिश शासन के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को सीधे समझाती है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं।
