RAS प्रश्न
भारतीय इतिहास और संस्कृति के अध्ययन को बढ़ावा देने वाली एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना 1784 में किसने की?
सही उत्तर: (B) सर विलियम जोन्स।
एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता में सर विलियम जोन्स ने की थी।
व्याख्या
मुख्य संकेत 1784 और भारतीय इतिहास-संस्कृति के अध्ययन को बढ़ावा देने वाली संस्था है। सर विलियम जोन्स ने 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता के सर्वोच्च न्यायालय के ग्रैंड जूरी हॉल में हुई बैठक में एशियाटिक सोसायटी की स्थापना की थी। जोन्स 1783 में कलकत्ता सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बने थे और पूर्वी अध्ययन के लिए नियमित संस्था बनाने का विचार उन्हीं का था। उन्होंने संस्कृत अध्ययन में अग्रणी भूमिका निभाई, संस्कृत, ग्रीक और लैटिन के संबंध को समझाया, तथा कालिदास के शकुंतला और मनु के विधान का अंग्रेज़ी अनुवाद किया। इसलिए संस्थापक के रूप में सही नाम सर विलियम जोन्स है, जबकि वारेन हेस्टिंग्स केवल संरक्षक थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) वारेन हेस्टिंग्स भारतीय भाषाओं और साहित्य में रुचि रखते थे और सोसायटी को संरक्षण मिला, लेकिन स्थापना का प्रस्ताव और संस्थापक भूमिका सर विलियम जोन्स की थी।
- (C) मैक्स मुलर वेदों से जुड़े विद्वान थे, पर वे जर्मनी/इंग्लैंड से जुड़े हैं और 1784 में कलकत्ता में एशियाटिक सोसायटी के संस्थापक नहीं थे।
- (D) चार्ल्स विल्किन्स संस्कृत विद्वान और सोसायटी से जुड़े सदस्य थे, लेकिन एशियाटिक सोसायटी के संस्थापक के रूप में सर विलियम जोन्स का नाम आता है।
अवधारणा
आधुनिक भारत में प्राच्य अध्ययन और औपनिवेशिक काल की ज्ञान-संस्थाओं की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि संस्था, वर्ष और संस्थापक को मिलाकर सांस्कृतिक इतिहास की बुनियादी समझ जांची जाती है।
