RAS प्रश्न
विभाजन विरोधी आंदोलन (1905) में कौन सी चार प्रमुख रणनीतियाँ शामिल थीं?
सही उत्तर: (C) बहिष्कार, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा, और निष्क्रिय प्रतिरोध।
विभाजन विरोधी आंदोलन 1905 में मुख्य रणनीतियाँ बहिष्कार, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा और निष्क्रिय प्रतिरोध थीं।
व्याख्या
बंगाल विभाजन के विरोध ने 1905 में संगठित रूप लिया और स्वदेशी आंदोलन 7 अगस्त 1905 से औपचारिक रूप से शुरू हुआ। नए उग्र राष्ट्रवादी नेताओं ने प्रार्थना और याचिका के बजाय निष्क्रिय प्रतिरोध, बहिष्कार, स्वदेशी अपनाने और राष्ट्रीय शिक्षा को विरोध के नए तरीके के रूप में रखा। आंदोलन में विदेशी वस्तुओं और सरकारी स्कूलों का बहिष्कार प्रमुख उपाय बना; इसके साथ राष्ट्रीय स्कूल और स्वदेशी निर्माण इकाइयाँ खोली गईं। इसलिए विकल्प C सही है, क्योंकि इसमें आंदोलन की वास्तविक रणनीति आती है: ब्रिटिश वस्तुओं से दूरी, भारतीय वस्तुओं का उपयोग, वैकल्पिक शिक्षा और दबाव बनाने वाला निष्क्रिय प्रतिरोध।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद और क्रांति मुख्यधारा के बंग-भंग विरोधी आंदोलन की प्रमुख रणनीतियाँ नहीं थीं; विरोध के तरीकों में बहिष्कार, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा और निष्क्रिय प्रतिरोध प्रमुख थे।
- (B) याचिका, प्रार्थना, विरोध और प्रचार नरमपंथी पद्धतियों से मेल खाते हैं, जबकि नए नेताओं ने प्रार्थना और याचिका के बजाय निष्क्रिय प्रतिरोध, बहिष्कार, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा को अपनाया।
- (D) असहयोग, सविनय अवज्ञा, नमक मार्च और भारत छोड़ो गांधी युग के आंदोलनों से जुड़े हैं, जबकि 1905 के विभाजन विरोधी आंदोलन में बहिष्कार, स्वदेशी, राष्ट्रीय शिक्षा और निष्क्रिय प्रतिरोध प्रमुख थे।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में उग्र राष्ट्रवादी चरण और स्वदेशी आंदोलन की कार्य-पद्धति RAS के लिए महत्वपूर्ण है। 1905 का आंदोलन नरमपंथी तरीकों से जन-आधारित प्रतिरोध की ओर बदलाव दिखाता है।
