RAS प्रश्न
राजस्थान में 50 सेमी समवर्षा रेखा लगभग किसका अनुसरण करती है?
सही उत्तर: (D) अरावली पर्वतमाला।
राजस्थान में 50 सेमी समवर्षा रेखा लगभग अरावली पर्वतमाला का अनुसरण करती है।
व्याख्या
50 सेमी समवर्षा रेखा राजस्थान की वर्षा-वितरण समझने की मुख्य रेखा है। राजस्थान में 50 सेमी समवर्षा रेखा लगभग अरावली पर्वतमाला के साथ चलती मानी जाती है। इसी आधार पर राजस्थान का पश्चिमी भाग शुष्क क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता है, जहाँ वर्षा 50 सेमी से कम रहती है, जबकि पूर्वी भाग 50 सेमी से अधिक वर्षा वाला अर्ध-शुष्क या उप-आर्द्र क्षेत्र माना जाता है। अरावली के साथ स्थित 50 सेमी समवर्षा रेखा राजस्थान को दो भागों में बाँटती है। इसलिए इस रेखा को किसी नहर, अक्षांश-रेखा या राज्य-सीमा से नहीं, बल्कि अरावली से जोड़ना चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) IGNP नहर मार्ग पश्चिमी राजस्थान से जुड़ा है, जबकि 50 सेमी समवर्षा रेखा का आधार अरावली के साथ वर्षा-विभाजन है।
- (B) कर्क रेखा राजस्थान के काफी दक्षिण से संबंधित अक्षांशीय रेखा है, इसलिए वह 50 सेमी समवर्षा रेखा के अरावली-आधारित मार्ग को नहीं बताती।
- (C) म.प्र. के साथ राज्य सीमा राजस्थान के पूर्वी किनारे से जुड़ी है, जबकि 50 सेमी समवर्षा रेखा अरावली के साथ मानी जाती है।
अवधारणा
राजस्थान के जलवायु-प्रदेशों और समवर्षा रेखाओं की समझ में 50 सेमी समवर्षा रेखा महत्वपूर्ण है। RAS में अरावली के आधार पर पश्चिमी शुष्क और पूर्वी अपेक्षाकृत अधिक वर्षा वाले भाग का अंतर सीधे पूछा जा सकता है।
