RAS प्रश्न
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?
सही उत्तर: (B) 5 वर्ष।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
व्याख्या
राजस्थान में पंचायती राज की तीनों संस्थाओं के लिए कार्यकाल 5 वर्ष माना जाता है। Rajasthan Panchayati Raj Act, 1994 की धारा 17 के अनुसार हर पंचायती राज संस्था, यदि अधिनियम के तहत पहले भंग न कर दी जाए, तो अपनी पहली बैठक की तारीख से 5 वर्ष तक ही जारी रहती है। इसी कारण ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद जैसे तीनों स्तरों के सदस्यों के कार्यकाल को 5 वर्ष से जोड़ा जाता है। सवाल में पूछा गया कार्यकाल सामान्य अवधि है, न कि समय से पहले भंग होने या शेष अवधि के लिए बनी संस्था की विशेष स्थिति। इसलिए विकल्प B सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 6 वर्ष सही नहीं है, क्योंकि अधिनियम में पंचायती राज संस्था की सामान्य अवधि पहली बैठक से 5 वर्ष बताई गई है।
- (C) 4 वर्ष सही नहीं है, क्योंकि तीनों स्तरों के सदस्यों का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष है, 4 वर्ष नहीं।
- (D) 3 वर्ष सही नहीं है, क्योंकि राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं की अवधि धारा 17 के अनुसार 5 वर्ष तक रहती है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की पंचायती राज व्यवस्था में संस्थाओं की अवधि से जुड़ा है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि स्थानीय स्वशासन, चुनाव और संस्थागत ढांचे की मूल संवैधानिक-प्रशासनिक समझ यहीं से बनती है।
