RAS प्रश्न
राजस्थान में सागवान (टीक) के वन कहाँ पाए जाते हैं?
सही उत्तर: (C) दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान।
राजस्थान में सागौन के वन दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी भागों में पाए जाते हैं। टीक्टोना ग्रैंडिस की यह पट्टी उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा तक फैली है।
व्याख्या
सागौन, टीक्टोना ग्रैंडिस का प्रचलित नाम है। राजस्थान वन विभाग के लेख ‘राजस्थान की वनस्पति’ में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के लिए ‘टीक्टोना ग्रैंडिस प्रकार’ की अलग श्रेणी दी गई है। इसलिए सागौन के वन मरुस्थल या उत्तरी मैदानों में नहीं, बल्कि दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाए जाते हैं। इनके विस्तार में डूंगरपुर और हाड़ौती के कोटा, झालावाड़ तथा बारां जिले भी शामिल हैं। यह वितरण राजस्थान के शुष्क पश्चिमी क्षेत्रों से अपेक्षाकृत कम शुष्क पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों की ओर होने वाले बदलाव को दर्शाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) पश्चिमी मरुस्थल में शुष्क वनस्पति पाई जाती है और यह सागौन का क्षेत्र नहीं है।
- (B) उत्तरी मैदानों को सागौन के क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
- (D) मध्य अरावली में धोक प्रमुख है, जबकि टीक्टोना ग्रैंडिस प्रकार उदयपुर और बांसवाड़ा जैसे दक्षिणी जिलों में पाया जाता है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति और विभिन्न भू-आकृतिक क्षेत्रों में वन-प्रकारों के स्थानिक मेल की समझ परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि सागौन, धोक और मरुस्थलीय कांटेदार वनस्पति क्षेत्रीय भूगोल की पहचान के मानक संकेतक हैं।
