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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विश्व धर्म संसद में भाग लिया:

सही उत्तर: (D) 1893।

स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो की विश्व धर्म संसद में भाग लिया था।

  1. (A)

    1900

  2. (B)

    1897

  3. (C)

    1885

  4. (D)

    1893

व्याख्या

सही वर्ष 1893 है। स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो की विश्व धर्म संसद में अपना प्रसिद्ध भाषण दिया था। उन्होंने भाषण की शुरुआत “अमेरिका की बहनों और भाइयों” से की, जिससे हिंदू धर्म और भारतीय दर्शन की ओर विश्व का ध्यान गया। 1897 को लेकर भ्रम हो सकता है, क्योंकि उसी वर्ष विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी, लेकिन वह शिकागो धर्म संसद में उनकी भागीदारी का वर्ष नहीं था। इसलिए स्वामी विवेकानंद, शिकागो की विश्व धर्म संसद और 1893 को एक साथ याद रखना चाहिए।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) 1900 बहुत बाद का वर्ष है, क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की विश्व धर्म संसद में अपना भाषण 11 सितंबर 1893 को दिया था।
  • (B) 1897 में स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी; यह शिकागो की विश्व धर्म संसद में उनकी भागीदारी का वर्ष नहीं है।
  • (C) 1885 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से जुड़ा वर्ष है, जबकि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में अपना भाषण 1893 में दिया था।

अवधारणा

आधुनिक भारतीय इतिहास में विवेकानंद का शिकागो भाषण सामाजिक-धार्मिक सुधार से जुड़ा है और यह दिखाता है कि 19वीं सदी के उत्तरार्ध में भारत ने विश्व के सामने अपनी सांस्कृतिक पहचान कैसे रखी। RAS में यह तिथि इसलिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इसका संबंध हिंदू धर्म, भारतीय दर्शन और सुधार आंदोलनों के दौर के सार्वजनिक जीवन से है।

स्रोत

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