RAS प्रश्न
सरदार पटेल को 'भारत का बिस्मार्क' या 'लौह पुरुष' क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: (D) 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करना।
सरदार वल्लभभाई पटेल को 562 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने के कारण भारत का बिस्मार्क और लौह पुरुष कहा जाता है।
व्याख्या
स्वतंत्रता के बाद देश 562 रियासतों में बंटा हुआ था और बड़ा प्रश्न यह था कि इतनी अलग-अलग इकाइयों से एक अखंड भारत कैसे बनेगा। सरदार वल्लभभाई पटेल ने गृह मंत्री के रूप में वी. पी. मेनन की प्रशासनिक सहायता से कूटनीति, समझाइश और जहां जरूरी हुआ वहां दृढ़ कार्रवाई का रास्ता अपनाया। PIB के अनुसार पटेल के अथक प्रयास, दृढ़ संकल्प और राज-कौशल से सभी 562 रियासतें थोड़े समय में एकीकृत हुईं, जिससे भारत का वर्तमान मानचित्र बना और राष्ट्र की नींव मजबूत हुई। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसे मामलों में अलग रहने की कोशिशों के बावजूद पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति ने उन्हें एक भारत में जोड़ा।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नमक मार्च का नेतृत्व महात्मा गांधी से जुड़ा था, इसलिए यह सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क या लौह पुरुष कहे जाने का कारण नहीं है।
- (B) संविधान का प्रारूप तैयार करने का काम डॉ. आंबेडकर की समिति से जुड़ा था, जबकि पटेल की यह उपाधि रियासतों के एकीकरण से जुड़ी है।
- (C) INC की स्थापना ह्यूम से जुड़ी मानी जाती है, इसलिए यह पटेल की 562 रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने वाली भूमिका की व्याख्या नहीं करता।
अवधारणा
यह प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण और रियासतों के विलय की समझ जांचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि आधुनिक भारत के निर्माण में प्रशासनिक नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता दोनों को साथ समझना पड़ता है।
