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RAS प्रश्न

अर्धचंद्राकार बालू टीले जिनके सिरे पवन की दिशा में होते हैं, कहलाते हैं:

सही उत्तर: (B) बरखान।

अर्धचंद्राकार बालू टीले, जिनके सिरे पवन की दिशा में होते हैं, बरखान कहलाते हैं।

  1. (A)

    अनुदैर्ध्य टीले

  2. (B)

    बरखान

  3. (C)

    तारानुमा टीले

  4. (D)

    सीफ टीले

व्याख्या

बरखान की पहचान उसके आकार और पवन-दिशा से होती है। प्रश्न में टीले को अर्धचंद्राकार बताया गया है और उसके सिरे पवन की दिशा में हैं; NASA Science भी बरखान को अर्धचंद्राकार बालू टीला बताता है और स्पष्ट करता है कि बरखान के सिरे पवन की दिशा में होते हैं। इसलिए विकल्प B सीधे परिभाषा से मेल खाता है। राजस्थान के थार मरुस्थल में ऐसे गतिशील बालू टीले मिलते हैं और वे हवा की दिशा में प्रति वर्ष लगभग 2-3 मीटर खिसकते हैं। इसीलिए यहां आकार, सिरों की दिशा और गति, तीनों संकेत बरखान की ओर जाते हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अनुदैर्ध्य टीले अर्धचंद्राकार नहीं, बल्कि लंबे और खिंचे हुए रूप में बताए जाते हैं, इसलिए वे सिरे पवन-दिशा में वाले बरखान से मेल नहीं खाते।
  • (C) तारा टीले में कई भुजाएं होती हैं, जबकि प्रश्न में एक अर्धचंद्राकार टीला और उसके पवन-दिशा में मुड़े सिरे पूछे गए हैं।
  • (D) सीफ टीले तलवार जैसे आकार के माने जाते हैं, इसलिए वे अर्धचंद्राकार बरखान की आकृति से अलग हैं।

अवधारणा

यह प्रश्न मरुस्थलीय भू-आकृतियों में बालू टीलों के प्रकार और पवन-दिशा से उनके संबंध की समझ जांचता है। RAS में राजस्थान भूगोल के थार मरुस्थल, पवन-क्रिया और स्थलरूपों से ऐसे सीधे पहचान-आधारित प्रश्न बार-बार आते हैं।

स्रोत

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