RAS प्रश्न
पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण किसके अनुपात में दिया जाता है?
सही उत्तर: (D) संबंधित पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या।
पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण संबंधित पंचायत क्षेत्र में उनकी जनसंख्या के अनुपात में दिया जाता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 243D पंचायतों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीट आरक्षण का आधार साफ करता है। हर पंचायत में सीधे चुनाव से भरी जाने वाली कुल सीटों में इन वर्गों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या लगभग उसी अनुपात में होगी, जिस अनुपात में उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है। इसलिए यहां आधार न पूरे राज्य का औसत है, न देश की कुल जनसंख्या, बल्कि वही स्थानीय पंचायत क्षेत्र है जिसके लिए सीटें भरी जा रही हैं। इसी आरक्षण में से कम-से-कम एक-तिहाई सीटें अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रहती हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) राज्य-स्तरीय औसत जनसंख्या पंचायत की सीटों के आरक्षण का आधार नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 243D सीधे संबंधित पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या को आधार बनाता है।
- (B) सभी क्षेत्रों के लिए 25% जैसी कोई स्थिर दर नहीं दी गई है; आरक्षित सीटों की संख्या पंचायत क्षेत्र में संबंधित वर्ग की वास्तविक जनसंख्या के अनुपात से बदलती है।
- (C) कुल राष्ट्रीय जनसंख्या इस गणना का आधार नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 243D सीट आरक्षण को उसी पंचायत क्षेत्र की कुल जनसंख्या और वहां की अनुसूचित जाति/जनजाति जनसंख्या से जोड़ता है।
अवधारणा
यह प्रश्न पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण और अनुच्छेद 243D की मूल समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि स्थानीय स्वशासन में प्रतिनिधित्व का आधार राज्य, देश और पंचायत क्षेत्र के स्तरों में अलग-अलग समझना पड़ता है।
