RAS प्रश्न
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के विद्रोह में भाग लिया और किस स्थान पर लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की?
सही उत्तर: (C) ग्वालियर।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के विद्रोह के दौरान 18 जून 1858 को ग्वालियर में अंग्रेज़ सेना से लड़ते हुए शहीद हुईं।
व्याख्या
रानी लक्ष्मीबाई 1857-58 के विद्रोह के ग्वालियर चरण में शहीद हुईं, झाँसी की रक्षा करते समय नहीं। झाँसी के पतन के बाद वे अपने पुत्र के साथ वहाँ से निकलीं और कालपी में तात्या टोपे से मिलीं। इसके बाद तात्या टोपे ग्वालियर की सैन्य टुकड़ी को लेकर ग्वालियर पहुँचे और विद्रोहियों ने किले पर अधिकार कर लिया। विद्रोही अपनी स्थिति मज़बूत कर पाते, उससे पहले जनरल ह्यू रोज़ की सेना ने उन्हें हरा दिया। इसी संघर्ष में रानी लक्ष्मीबाई 18 जून 1858 को शहीद हुईं। इसलिए उनकी अंतिम लड़ाई झाँसी में नहीं, ग्वालियर में हुई थी। ह्यू रोज़ ने उन्हें विद्रोह के सबसे बहादुर नेताओं में से एक बताया था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) झाँसी उनका राज्य और प्रतिरोध का प्रमुख केंद्र था, लेकिन वहाँ अंग्रेज़ सेना का कब्ज़ा होने के बाद वे निकल गईं; उनकी मृत्यु झाँसी में नहीं हुई।
- (B) कानपुर 1857 के विद्रोह में नाना साहिब से जुड़ा प्रमुख केंद्र था। इसके विपरीत, लक्ष्मीबाई ने कालपी-ग्वालियर चरण में तात्या टोपे के साथ संघर्ष किया और उनकी अंतिम लड़ाई ग्वालियर में हुई।
- (D) लखनऊ बेगम हज़रत महल के प्रतिरोध का केंद्र था, जबकि लक्ष्मीबाई की अंतिम लड़ाई ग्वालियर में हुई और वहीं वे शहीद हुईं।
अवधारणा
यह प्रश्न 1857 के विद्रोह का भूगोल और घटनाक्रम समझने की आपकी क्षमता जाँचता है, खासकर झाँसी के पतन के बाद मध्य भारत में हुए संघर्ष के संदर्भ में। RAS में ऐतिहासिक व्यक्तियों से जुड़े स्थान अक्सर पूछे जाते हैं; इसलिए नेताओं और विद्रोह के केंद्रों को अंग्रेज़ों के जवाबी सैन्य अभियानों से जोड़कर समझना ज़रूरी है।
