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RAS प्रश्न

भीलवाड़ा जिले में रामपुरा-आगूचा खदान विश्व की सबसे बड़ी खदानों में से एक है:

सही उत्तर: (C) सीसा-जस्ता।

भीलवाड़ा जिले की रामपुरा-आगूचा खदान भारत की सबसे बड़ी और विश्व की बड़ी भूमिगत सीसा-जस्ता खदानों में से एक है।

  1. (A)

    सोना

  2. (B)

    संगमरमर

  3. (C)

    सीसा-जस्ता

  4. (D)

    तांबा

व्याख्या

रामपुरा-आगूचा को सोना, संगमरमर या तांबे से जोड़ना गलत दिशा है; यह भीलवाड़ा का सीसा-जस्ता खनन केंद्र है। यह भारत की सबसे बड़ी और विश्व की बड़ी भूमिगत सीसा-जस्ता खदानों में से एक है, जिसका संचालन हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड करता है और जहां जस्ता-सीसा अयस्क के बड़े भंडार हैं। राजस्थान सरकार के खान और भूविज्ञान विभाग के धातु-खनिज अभिलेखों में रामपुरा-आगूचा भीलवाड़ा जिले के सीसा-जस्ता-चांदी निक्षेपों में दर्ज है। रामपुरा-आगूचा में सीसा और जस्ता की मात्रा दर्ज है, इसलिए सही खनिज-समूह सीसा-जस्ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) सोना रामपुरा-आगूचा का प्रमुख खनिज नहीं है; इस खदान की पहचान सीसा-जस्ता अयस्क से बनती है और सरकारी अभिलेखों में भी इसका संबंध सीसा-जस्ता से है।
  • (B) संगमरमर का प्रमुख संदर्भ मकराना, नागौर से जुड़ता है, जबकि रामपुरा-आगूचा सरकारी धातु-खनिज अभिलेखों में सीसा-जस्ता-चांदी निक्षेप के रूप में दर्ज है।
  • (D) तांबा-खनन का मुख्य केंद्र खेतड़ी माना जाता है; रामपुरा-आगूचा में सरकारी अभिलेखों के अनुसार सीसा और जस्ता की मात्रा दर्ज है, तांबे की नहीं।

अवधारणा

राजस्थान के धातु खनिजों में जिलावार खनन-क्षेत्रों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में खनिज-स्थान मिलान सीधे राजस्थान भूगोल और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ता है।

स्रोत

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