RAS प्रश्न
पंडिता रमाबाई की पुस्तक 'द हाई-कास्ट हिंदू वुमन' (1887) ने किसका पर्दाफ़ाश किया?
सही उत्तर: (B) हिंदू समाज में महिलाओं विशेषकर विधवाओं का उत्पीड़न।
पंडिता रमाबाई की 1887 की पुस्तक द हाई-कास्ट हिंदू वुमन ने हिंदू समाज में महिलाओं, खासकर बाल विधवाओं, की पीड़ा और उत्पीड़न को उजागर किया।
व्याख्या
द हाई-कास्ट हिंदू वुमन पंडिता रमाबाई की अंग्रेजी में लिखी पुस्तक थी, जो 1887 में अमेरिका में प्रकाशित हुई। इसका केंद्र मुस्लिम प्रथाएँ, ब्रिटिश शासन या केवल आर्थिक शोषण नहीं था; पुस्तक ने हिंदू समाज के भीतर महिलाओं की हालत को सामने रखा। इसमें बाल विधवाओं को विशेष रूप से ऐसे वर्ग के रूप में रखा गया है जिस पर समाज की नफरत और दुर्व्यवहार सबसे अधिक गिरता था। इसी कारण सही उत्तर वह विकल्प है जो हिंदू महिलाओं, विशेषकर विधवाओं, के उत्पीड़न को बताता है। इस कृति से रमाबाई के महिला शिक्षा और कल्याण के काम को अंतरराष्ट्रीय ध्यान और समर्थन भी मिला।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह पुस्तक मुस्लिम प्रथाओं पर नहीं, बल्कि हिंदू समाज के भीतर महिलाओं और खासकर विधवाओं की स्थिति पर केंद्रित थी।
- (C) आर्थिक शोषण इसका मुख्य विषय नहीं था; प्रश्न में जिस पुस्तक की बात है, वह सामाजिक-धार्मिक ढाँचे में महिलाओं की पीड़ा को सामने लाती है।
- (D) ब्रिटिश उत्पीड़न इस पुस्तक का विषय नहीं था, क्योंकि पुस्तक हिंदू महिलाओं और बाल विधवाओं की दशा पर जोर देती है।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारत में सामाजिक-सुधार आंदोलनों और महिला प्रश्न की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि सुधारकों की रचनाएँ सीधे बताती हैं कि समाज में किस कुरीति या अन्याय को चुनौती दी गई।
