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RAS प्रश्न

नाना साहिब ने कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया। वे किसके दत्तक पुत्र थे?

सही उत्तर: (B) पेशवा बाजीराव द्वितीय।

नाना साहिब, जिनका मूल नाम धोंडू पंत था, अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे।

  1. (A)

    दौलत राव सिंधिया

  2. (B)

    पेशवा बाजीराव द्वितीय

  3. (C)

    शिवाजी

  4. (D)

    टीपू सुल्तान

व्याख्या

नाना साहिब का संबंध 1857 के विद्रोह में कानपुर केंद्र से जुड़ता है, इसलिए यह प्रश्न उनके पारिवारिक और राजनीतिक आधार को साथ-साथ परखता है। वे अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे। बाजीराव द्वितीय की 1851 में मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने नाना साहिब को पेंशन जारी रखने से इनकार किया, और यही उनकी बड़ी शिकायतों में से एक बनी। 1857 के विद्रोह के दौरान उन्होंने कानपुर में स्वयं को पेशवा घोषित किया और अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया। इसलिए सही पहचान सिर्फ नाम याद रखने की नहीं, बल्कि पेशवा परंपरा, पेंशन विवाद और कानपुर विद्रोह के संबंध को समझने की है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) दौलत राव सिंधिया नाना साहिब के दत्तक पिता नहीं थे; दिए गए संदर्भ में नाना साहिब का दत्तक संबंध अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय से है।
  • (C) शिवाजी 17वीं सदी के मराठा शासक थे, जबकि नाना साहिब 1857 के विद्रोह और अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय की परंपरा से जुड़े हैं।
  • (D) टीपू सुल्तान मैसूर के शासक थे और 1799 में उनकी मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए वे 1857 के कानपुर विद्रोह से जुड़े नाना साहिब के दत्तक पिता नहीं हो सकते।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भारत के इतिहास में 1857 के विद्रोह के क्षेत्रीय नेतृत्व और मराठा-पेशवा पृष्ठभूमि को परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि विद्रोह के नेता, उनके केंद्र और अंग्रेजों से उनकी शिकायतें सीधे तथ्यात्मक और कारणात्मक दोनों तरह से पूछी जाती हैं।

स्रोत

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