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RAS प्रश्न

राजस्थान में अभ्रक के भंडार मुख्य रूप से कहाँ पाए जाते हैं?

सही उत्तर: (A) भीलवाड़ा और अजमेर।

राजस्थान में अभ्रक के भंडार मुख्य रूप से भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में पाए जाते हैं।

  1. (A)

    भीलवाड़ा और अजमेर

  2. (B)

    जैसलमेर और बाड़मेर

  3. (C)

    कोटा और झालावाड़

  4. (D)

    जोधपुर और नागौर

व्याख्या

अभ्रक-युक्त पेग्माटाइट पट्टी राजस्थान के खनिज-वितरण में मुख्य संकेत है, केवल सामान्य खनिज-क्षेत्र पहचान नहीं। राजस्थान में अभ्रक के प्रमुख भंडार भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में मिलते हैं तथा यह पट्टी भीलवाड़ा से जयपुर तक फैले अरावली क्षेत्र के पेग्माटाइट क्षेत्र से जुड़ी है। दक्षिण-मध्य राजस्थान के पेग्माटाइट निक्षेप अजमेर के जवाजा-राजगढ़ और भीलवाड़ा के गंगापुर-जहाजपुर क्षेत्रों में मिलते हैं। इन पेग्माटाइटों में मस्कोवाइट भी मिलता है, जो अभ्रक का प्रमुख रूप है। इसलिए विकल्प A जिलावार स्थान और भूगर्भीय पट्टी, दोनों आधारों पर सही बैठता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) जैसलमेर और बाड़मेर रेगिस्तानी जिले हैं; अभ्रक-युक्त पेग्माटाइट की मुख्य पहचान भीलवाड़ा-अजमेर क्षेत्र से जुड़ती है, इन जिलों से नहीं।
  • (C) कोटा और झालावाड़ हाड़ौती क्षेत्र में आते हैं, जबकि सही आधार भीलवाड़ा से जयपुर तक फैली अरावली पेग्माटाइट पट्टी और अजमेर-भीलवाड़ा क्षेत्र है।
  • (D) जोधपुर और नागौर अभ्रक के प्रमुख क्षेत्र नहीं हैं; सही जिलावार केंद्र भीलवाड़ा और अजमेर हैं।

अवधारणा

राजस्थान के खनिज-वितरण में अरावली क्षेत्र की पेग्माटाइट पट्टियां महत्वपूर्ण हैं। RAS में खनिजों को सही जिलों और भू-क्षेत्रों से जोड़ना राजस्थान भूगोल का स्थायी हिस्सा है।

स्रोत

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