RAS प्रश्न
मातंगिनी हाज़रा किस आंदोलन में शहीद हुईं?
सही उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)।
मातंगिनी हाज़रा भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान तामलुक, मिदनापुर में जुलूस का नेतृत्व करते हुए शहीद हुईं।
व्याख्या
मातंगिनी हाज़रा की शहादत भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ी है। सितंबर 1942 में वे तामलुक, मिदनापुर में भारतीय ध्वज लेकर जुलूस का नेतृत्व कर रही थीं और गोली लगने से शहीद हुईं; गोली लगने के बाद भी उन्होंने ध्वज ऊँचा रखा। MyGov ब्लॉग में भी उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय बताया गया है और लिखा है कि 29 सितंबर 1942 को उन्होंने पश्चिम बंगाल के तामलुक पुलिस स्टेशन पर कब्जे के लिए क्रांतिकारियों के जुलूस का नेतृत्व किया, जहाँ पुलिस की गोलीबारी में 73 वर्षीय मातंगिनी हाज़रा को घातक चोट लगी। इसलिए सही आंदोलन भारत छोड़ो आंदोलन (1942) है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) असहयोग जन-आन्दोलन 1920-22 का था, जबकि मातंगिनी हाज़रा की शहादत सितंबर 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हुई।
- (B) स्वदेशी आंदोलन 1905-08 से जुड़ा है, इसलिए यह 1942 में तामलुक की घटना और मातंगिनी हाज़रा की शहादत से मेल नहीं खाता।
- (D) सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930-34 का था, जबकि मातंगिनी हाज़रा 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ी थीं।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारतीय इतिहास में जन-आंदोलनों और महिला स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका की पहचान जाँचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि आंदोलन, वर्ष और प्रमुख व्यक्तित्व को साथ जोड़कर पूछा जाता है।
