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RAS प्रश्न

रेलगाड़ियों में मैग्लेव तकनीक विद्युत-चुंबकीय उत्तोलन का उपयोग करती है, जिससे पहिया और रेल का संपर्क समाप्त हो जाता है। निम्नलिखित मैग्लेव पड़ावों को सबसे पहले से सही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. जापान के एससीमैग्लेव ने 603 किमी/घंटा की विश्व रिकॉर्ड गति स्थापित की। 2. शंघाई मैग्लेव, ट्रांसरैपिड, ने वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया। 3. जापान के जेआर-मैग्लेव एमएलएक्स01 ने पहली बार परीक्षण दौड़ में 500 किमी/घंटा से अधिक गति प्राप्त की। 4. जर्मनी की ट्रांसरैपिड तकनीक एम्सलैंड के परीक्षण ट्रैक पर प्रदर्शित की गई।

सही उत्तर: (A) 4 → 3 → 2 → 1।

मैग्लेव पड़ावों का सही कालानुक्रमिक क्रम जर्मनी का ट्रांसरैपिड एम्सलैंड परीक्षण ट्रैक, जापान के जेआर-मैग्लेव एमएलएक्स01 का 500 किमी/घंटा से अधिक जाना, शंघाई मैग्लेव की वाणिज्यिक सेवा और जापान के एससीमैग्लेव का 603 किमी/घंटा रिकॉर्ड है।

  1. (A)

    4 → 3 → 2 → 1

  2. (B)

    3 → 4 → 2 → 1

  3. (C)

    4 → 2 → 3 → 1

  4. (D)

    3 → 2 → 4 → 1

व्याख्या

मैग्लेव में पहिया-रेल संपर्क हटने से गति की परीक्षा और रिकॉर्ड, दोनों परिवहन भूगोल में महत्वपूर्ण हो जाते हैं। सबसे पहले जर्मनी में ट्रांसरैपिड परीक्षण सुविधा एम्सलैंड में 1984 में खुली। इसके बाद जापान के जेआर-मैग्लेव एमएलएक्स01 ने 14 अप्रैल 1999 को यामानाशी मैग्लेव टेस्ट लाइन पर 552 किमी/घंटा दर्ज किया, यानी 500 किमी/घंटा से ऊपर का पड़ाव पार हो गया। तीसरा पड़ाव शंघाई मैग्लेव था, जिसने 2004 में नियमित वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया। अंत में जापान के एससीमैग्लेव ने अप्रैल 2015 में 603 किमी/घंटा की गति से विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसलिए क्रम 4 → 3 → 2 → 1 बैठता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) B में एमएलएक्स01 को एम्सलैंड से पहले रख दिया गया है, जबकि एम्सलैंड परीक्षण ट्रैक 1984 में खुला और एमएलएक्स01 ने 500 किमी/घंटा से अधिक गति 1999 में प्राप्त की।
  • (C) C में शंघाई मैग्लेव को एमएलएक्स01 से पहले रखा गया है, जबकि एमएलएक्स01 का 14 अप्रैल 1999 का तेज परीक्षण शंघाई की 2004 की वाणिज्यिक सेवा से पहले आता है।
  • (D) D में 1984 वाले ट्रांसरैपिड एम्सलैंड परीक्षण ट्रैक को तीसरे स्थान पर डाल दिया गया है, जबकि वही सूची का सबसे पहला पड़ाव है।

अवधारणा

यह प्रश्न परिवहन भूगोल में उच्च-गति रेल तकनीक और उसके कालक्रम की समझ जांचता है। आरएएस में ऐसे क्रम इसलिए दोहरते हैं क्योंकि तकनीक, स्थान और वर्ष को जोड़कर विकास-क्रम पहचानना पड़ता है।

स्रोत

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