RAS प्रश्न
लॉर्ड लिटन ने 1877 के भव्य दिल्ली दरबार का आयोजन किस घोषणा के उद्देश्य से किया था?
सही उत्तर: (A) महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित करना।
लॉर्ड लिटन ने 1877 के भव्य दिल्ली दरबार का आयोजन महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित करने के लिए किया था।
व्याख्या
1877 का दिल्ली दरबार ब्रिटिश भारत की औपचारिक शाही सभा था। लॉर्ड लिटन ने 1 जनवरी 1877 को रॉयल टाइटल्स एक्ट 1876 के तहत रानी विक्टोरिया को 'कैसर-ए-हिंद' यानी भारत की सम्राज्ञी घोषित करने के लिए इसका आयोजन किया। ब्रिटैनिका की दरबार प्रविष्टि भी बताती है कि ब्रिटिश भारत में दरबार सरकारी अधिकार से बुलाई गई औपचारिक सभा था और 1877, 1903 तथा 1911 के दिल्ली दरबार सबसे प्रसिद्ध थे। उसी स्रोत में 1877 के दरबार को महारानी विक्टोरिया द्वारा भारत की सम्राज्ञी की उपाधि ग्रहण करने से जोड़ा गया है। इसलिए प्रश्न में सही उद्देश्य राजधानी बदलना या संविधान बनाना नहीं, बल्कि महारानी विक्टोरिया की सम्राज्ञी-घोषणा है। यह आयोजन दक्षिण भारत के विनाशकारी अकाल के समय हुआ था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) राजधानी को दिल्ली ले जाना 1877 के दरबार का उद्देश्य नहीं था; राजधानी स्थानांतरण 1911 से जुड़ा था।
- (C) 1877 के दिल्ली दरबार में कोई नया संविधान घोषित नहीं किया गया था; इसका दर्ज उद्देश्य महारानी विक्टोरिया को भारत की सम्राज्ञी घोषित करना था।
- (D) ईआईसी शासन की समाप्ति 1858 में हो चुकी थी, इसलिए 1877 का दरबार उसके अंत की घोषणा के लिए नहीं बुलाया जा सकता था।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारतीय इतिहास में ब्रिटिश राज के शाही प्रतीकों और औपचारिक घोषणाओं की समझ जांचता है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे 1858 के बाद ब्रिटिश सत्ता की वैधता दिखाने वाली प्रमुख घटनाओं से जुड़े हैं।
