RAS प्रश्न
लॉर्ड लिटन (1876-1880) ने भारत में भीषण अकाल के बावजूद कौन-सा भव्य आयोजन कराया?
सही उत्तर: (B) 1877 का दिल्ली दरबार, जिसमें रानी विक्टोरिया को भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया।
लॉर्ड लिटन के समय 1 जनवरी 1877 को दिल्ली दरबार आयोजित हुआ, जिसमें रानी विक्टोरिया को भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया।
व्याख्या
1877 का दिल्ली दरबार ब्रिटिश राज की शाही सभा थी। यह सभा भारत के सम्राट या साम्राज्ञी के गद्दी पर आने को चिह्नित करने के लिए दिल्ली में आयोजित होती थी। 1 जनवरी 1877 के आयोजन में रानी विक्टोरिया को भारत की साम्राज्ञी घोषित किया गया। लॉर्ड लिटन ने यह आयोजन रॉयल टाइटल्स एक्ट 1876 के तहत कराया। इसी कारण आरएएस के लिए इसका आलोचनात्मक महत्व है: उसी समय 1876-78 का महाअकाल चल रहा था, जिसमें 55 लाख लोगों की मृत्यु बताई गई है। दिल्ली दरबार औपनिवेशिक शासन की प्राथमिकताओं और प्रतीकात्मक राजनीति को भी सामने लाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) भारत में प्रथम ओलंपिक खेल लॉर्ड लिटन के समय कराया गया ऐसा कोई आयोजन नहीं था, इसलिए यह 1877 के दिल्ली दरबार से मेल नहीं खाता।
- (C) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी लॉर्ड लिटन से जुड़ी वह घटना नहीं थी; वास्तविक संदर्भ रानी विक्टोरिया की भारत की साम्राज्ञी के रूप में घोषणा का है।
- (D) आयोजन कलकत्ता में राज्याभिषेक समारोह नहीं था, क्योंकि 1877 का दरबार दिल्ली में आयोजित शाही सभा था।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में वायसरायों की नीतियों और औपनिवेशिक प्रतीकात्मक राजनीति महत्वपूर्ण परीक्षा-विषय हैं। आरएएस में ऐसी घटनाएँ बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि वे घटना, वर्ष, व्यक्ति और शासन की आलोचना को एक साथ जोड़ती हैं।
