RAS प्रश्न
लॉर्ड डलहौजी ने 1856 में अवध का विलय किस आधार पर किया?
सही उत्तर: (B) कुशासन अथवा खराब प्रशासन।
लॉर्ड डलहौजी ने 1856 में अवध का विलय अवध के शासक वाजिद अली शाह पर कुशासन और सुधार न करने के आरोप के आधार पर किया।
व्याख्या
अवध का मामला हड़प नीति वाला सामान्य उदाहरण नहीं था। अवध सहायक संधि से जुड़ा हुआ था, पर वह औपचारिक रूप से सीधे ब्रिटिश राज के अधीन नहीं था। लॉर्ड डलहौजी ने नवाब वाजिद अली शाह पर अवध का कुशासन करने और सुधार लागू न करने का आरोप लगाया। इसी आरोप को अवध की जनता की स्थिति सुधारने के नाम पर विलय का पर्याप्त आधार बनाया गया। इसलिए निर्णायक आधार “कुशासन” था। हड़प नीति लागू नहीं की जा सकती थी, क्योंकि नवाब के प्राकृतिक उत्तराधिकारी मौजूद थे। इस विलय ने अवध में अंग्रेजों के विरुद्ध गहरा रोष पैदा किया और 1857 के विद्रोह के तत्काल कारणों में गिना गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सहायक संधि अवध की पृष्ठभूमि में थी, लेकिन 1856 के विलय का औपचारिक आधार संधि-उल्लंघन नहीं, वाजिद अली शाह पर कुशासन का आरोप था।
- (C) हड़प नीति यहाँ लागू नहीं हो सकती थी, क्योंकि नवाब वाजिद अली शाह के प्राकृतिक उत्तराधिकारी मौजूद थे।
- (D) कर न चुकाने को 1856 में अवध के विलय का बताया गया कारण नहीं बनाया गया; डलहौजी ने प्रशासनिक कुशासन और सुधार न करने का आरोप लगाया।
अवधारणा
आधुनिक भारत में ब्रिटिश विस्तार की अलग-अलग नीतियों, खासकर सहायक संधि, हड़प नीति और कुशासन के बहाने विलय, का अंतर समझना जरूरी है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि अवध का विलय 1857 के विद्रोह की पृष्ठभूमि से सीधे जुड़ा है।
