RAS प्रश्न
भरतपुर स्थित केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान किस प्रकार के वन्यजीवों के कारण प्रसिद्ध है?
सही उत्तर: (C) प्रवासी पक्षी।
भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान प्रवासी पक्षियों, खासकर साइबेरियन क्रेन, के लिए प्रसिद्ध है।
व्याख्या
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान की मुख्य पहचान बाघ या तेंदुए नहीं, बल्कि प्रवासी और जलीय पक्षी हैं। यह UNESCO विश्व धरोहर स्थल प्रवासी पक्षियों, विशेषकर साइबेरियन क्रेन, के कारण प्रसिद्ध है और इसे 1981 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। UNESCO विश्व धरोहर केंद्र के अनुसार केवलादेव बड़े पैमाने पर आने वाले जलीय पक्षियों का प्रमुख शीतकालीन क्षेत्र है, जहाँ अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, चीन और साइबेरिया से पक्षी आते हैं। उद्यान में 364 पक्षी प्रजातियाँ और दुर्लभ साइबेरियन क्रेन मिलती हैं। केवलादेव घना की प्रसिद्धि का केंद्र “प्रवासी पक्षी” हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) बाघ केवलादेव घना की पहचान नहीं हैं; बाघों की प्रमुख पहचान रणथंभौर से जुड़ती है।
- (B) तेंदुए इस उद्यान की प्रसिद्धि से नहीं जुड़े हैं; तेंदुओं की प्रमुख पहचान जवाई क्षेत्र से जुड़ती है।
- (D) घड़ियाल केवलादेव घना के प्रसिद्ध वन्यजीव नहीं हैं; घड़ियाल चंबल अभयारण्य से जुड़े हैं।
अवधारणा
राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यानों को उनके विशिष्ट वन्यजीवों से जोड़कर याद रखना RAS तैयारी में उपयोगी है। ऐसे तथ्य भूगोल, पर्यावरण और राजस्थान-विशेष स्थलों को सीधे जोड़ते हैं।
