RAS प्रश्न
भारत को 'विश्व की फार्मेसी' मुख्यतः फार्मास्यूटिकल उद्योग के किस खंड में अपनी अग्रणी स्थिति के कारण कहा जाता है?
सही उत्तर: (B) जेनेरिक दवाइयाँ — पेटेंट-मुक्त दवाओं के कम कीमत वाले संस्करण।
भारत को 'विश्व की फार्मेसी' मुख्यतः जेनेरिक दवाओं में अपनी अग्रणी स्थिति के कारण कहा जाता है, क्योंकि वह वैश्विक जेनेरिक दवा आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा देता है।
व्याख्या
PIB के अनुसार भारत की 'विश्व की फार्मेसी' वाली पहचान सस्ती कीमत और भरोसेमंद गुणवत्ता के मेल पर टिकी है। भारत मात्रा के आधार पर वैश्विक जेनेरिक दवा आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा देता है और बड़ी संख्या में जेनेरिक ब्रांड बनाता है। इसलिए सही खंड पेटेंटेड ब्रांडेड दवाएं या नई दवा खोज नहीं, बल्कि पेटेंट-मुक्त दवाओं की कम लागत वाली प्रतिलिपियां हैं। भारत 200 से अधिक देशों को निर्यात करता है और उसका जेनेरिक उद्योग 1970 के पेटेंट कानून में उत्पाद पेटेंट के बजाय प्रक्रिया पेटेंट की व्यवस्था से फला-फूला।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पेटेंटेड ब्रांडेड दवाओं पर भारत की प्रभुता नहीं है; यह खंड मुख्यतः अमेरिकी, यूरोपीय और जापानी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण में है।
- (C) भारत टीका निर्माण में मजबूत है और टीकों में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन 'विश्व की फार्मेसी' की मुख्य पहचान जेनेरिक दवाओं की बड़ी आपूर्ति से जुड़ी है, नई दवा खोज से नहीं।
- (D) भारत आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों का निर्यात करता है, पर इस उपाधि का संदर्भ एलोपैथिक जेनेरिक दवाओं के निर्यात और सस्ती दवाओं की वैश्विक आपूर्ति से है।
अवधारणा
यह प्रश्न औद्योगिक भूगोल में फार्मास्यूटिकल उद्योग, निर्यात और वैश्विक उत्पादन-श्रृंखला की अवधारणा जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए आते हैं क्योंकि भारत की औद्योगिक ताकत को विश्व अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर पूछा जाता है।
