RAS प्रश्न
अरावली पर्वतमाला राजस्थान में किस दिशा में फैली हुई है?
सही उत्तर: (D) दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व।
अरावली पर्वतमाला राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली हुई है।
व्याख्या
अरावली की दिशा समझने का सबसे साफ आधार उसका राजस्थान के आर-पार तिरछा फैलाव है। राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड के पृष्ठ के अनुसार अरावली श्रेणी राज्य में दक्षिण-पश्चिम के गुरु शिखर, माउंट आबू से उत्तर-पूर्व के खेतड़ी तक चलती है। इसी कारण सही दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व है। अरावली को पालनपुर, गुजरात के निकट दक्षिण-पश्चिम से दिल्ली के निकट उत्तर-पूर्व तक लगभग 692 किमी फैली हुई पुरानी वलित पर्वत श्रेणी माना जाता है। यह दिशा सिर्फ रेखा याद करने की बात नहीं है; इसी तिरछे फैलाव से राजस्थान का उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी भौगोलिक विभाजन भी समझ में आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा अरावली की बताई गई दिशा नहीं है, क्योंकि राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड इसे दक्षिण-पश्चिम के गुरु शिखर से उत्तर-पूर्व के खेतड़ी तक चलती हुई बताता है।
- (B) पूर्व से पश्चिम दिशा गलत है, क्योंकि अरावली राजस्थान में सीधी क्षैतिज रेखा की तरह नहीं, बल्कि दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तिरछे फैलती है।
- (C) उत्तर से दक्षिण दिशा गलत है, क्योंकि अरावली का फैलाव कठोर उत्तर-दक्षिण नहीं है; उसका मुख्य रुझान दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के भौतिक भूगोल में पर्वतमालाओं की दिशा और उनसे बनने वाले क्षेत्रीय विभाजन की समझ जांचता है। RAS में अरावली बार-बार आती है, क्योंकि इससे मरुस्थलीय और दक्षिण-पूर्वी भागों का भौगोलिक अंतर समझाया जाता है।
