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RAS प्रश्न

राजस्व प्रशासन की पदानुक्रम व्यवस्था में जिला कलेक्टर से ऊपर कौन-सा पद आता है?

सही उत्तर: (A) संभागीय आयुक्त।

राजस्व प्रशासन की पदानुक्रम व्यवस्था में जिला कलेक्टर से ऊपर संभागीय आयुक्त होता है, क्योंकि संभाग जिला और राज्य सरकार के बीच की प्रशासनिक इकाई है।

  1. (A)

    संभागीय आयुक्त

  2. (B)

    SDM

  3. (C)

    तहसीलदार

  4. (D)

    पटवारी

व्याख्या

जिला कलेक्टर जिला स्तर पर राजस्व प्रशासन का प्रमुख होता है, लेकिन उसके ऊपर संभागीय आयुक्त की स्थिति आती है। राजस्थान जिला गजेटियर, प्रतापगढ़ के अनुसार कलेक्टर के राजस्व प्रशासन के ऊपर संभागीय आयुक्त रहता है और संभाग जिला तथा राज्य सरकार के बीच की प्रशासनिक इकाई है। पदक्रम को नीचे से ऊपर नहीं, बल्कि जिला स्तर से ऊपर देखते हुए समझना चाहिए। SDM उपखंड स्तर का राजस्व अधिकारी है, तहसीलदार तहसील स्तर पर काम करता है और पटवारी उससे भी नीचे राजस्व अभिलेखों से जुड़ा मैदानी पद है। इस क्रम में जिला कलेक्टर से ऊपर सही पद संभागीय आयुक्त ही है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) SDM उपखंड स्तर का राजस्व अधिकारी है, इसलिए वह जिला कलेक्टर से ऊपर नहीं बल्कि जिला प्रशासन के अधीन स्तर पर आता है।
  • (C) तहसीलदार की अधिकार-सीमा तहसील तक रहती है, इसलिए वह जिला कलेक्टर से ऊपर का पद नहीं हो सकता।
  • (D) पटवारी राजस्व प्रशासन की निचली मैदानी व्यवस्था से जुड़ा पद है और कलेक्टर के ऊपर की प्रशासनिक कड़ी नहीं है।

अवधारणा

राजस्थान के राजस्व प्रशासन में पदानुक्रम व्यवस्था का ज्ञान जरूरी है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है, क्योंकि जिला, उपखंड, तहसील और संभाग के प्रशासनिक संबंधों से शासन-व्यवस्था के कई प्रश्न बनते हैं।

स्रोत

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