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RAS प्रश्न

अल्फ्रेड वेबर के औद्योगिक स्थान सिद्धांत में, किसी उद्योग का स्थान भार निम्नलिखित रूप में परिभाषित किया जाता है:

सही उत्तर: (B) प्रति इकाई उत्पाद के लिए ढोए जाने वाले सभी भारों (कच्चे माल + तैयार उत्पाद) का कुल भार।।

अल्फ्रेड वेबर के औद्योगिक स्थान सिद्धांत में स्थान भार का अर्थ प्रति इकाई उत्पाद के लिए ढोए जाने वाले सभी कच्चे माल और तैयार उत्पाद के कुल भार से है।

  1. (A)

    कच्चे माल के कुल भार का तैयार उत्पाद के भार से अनुपात।

  2. (B)

    प्रति इकाई उत्पाद के लिए ढोए जाने वाले सभी भारों (कच्चे माल + तैयार उत्पाद) का कुल भार।

  3. (C)

    किसी स्थान को संकेंद्रण क्षेत्रों के निकट होने से मिलने वाला भार संबंधी लाभ।

  4. (D)

    वह न्यूनतम लागत जिस पर इष्टतम स्थान पर उत्पाद की एक इकाई का उत्पादन किया जा सकता है।

व्याख्या

वेबर के अनुसार उद्योग का स्थान तय करते समय परिवहन लागत केंद्रीय बात है, क्योंकि कच्चे माल को उत्पादन-स्थल तक और तैयार माल को उपभोग-केंद्र तक ले जाना पड़ता है। इसी संदर्भ में स्थान भार बताता है कि उत्पादन की 1 इकाई के लिए कुल कितना भार परिवहन में आता है: उपयोग किए गए कच्चे माल का भार और तैयार उत्पाद का भार। स्रोत में इसे प्रति इकाई उत्पाद के लिए ढोए जाने वाले कुल भार तथा उत्पादन-प्रक्रिया में परिवहन किए जाने वाले भार से जोड़ा गया है। इसलिए विकल्प B सही है। यह सामग्री सूचकांक से जुड़ा जरूर है, पर वही नहीं है; सामग्री सूचकांक स्थानीयकृत कच्चे माल के भार और तैयार उत्पाद के भार का अनुपात है। स्थान भार अधिक हो तो परिवहन लागत का दबाव भी अधिक होता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A सामग्री सूचकांक की परिभाषा देता है, क्योंकि वह कच्चे माल के भार और तैयार उत्पाद के भार का अनुपात बताता है, जबकि स्थान भार कुल ढोए जाने वाले भार को देखता है।
  • (C) C संकेंद्रण-क्षेत्रों की निकटता से मिलने वाले किसी कथित भार-लाभ की बात करता है, लेकिन वेबर के ढांचे में स्थान भार परिवहन में आने वाले कुल भार का माप है।
  • (D) D न्यूनतम लागत वाले स्थान की धारणा से जुड़ा है; स्थान भार लागत की राशि नहीं, बल्कि प्रति इकाई उत्पादन में ढोए जाने वाले भार का माप है।

अवधारणा

यह प्रश्न औद्योगिक स्थान सिद्धांत में परिवहन लागत और सामग्री सूचकांक से जुड़े मूल भेद को परखता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि उद्योगों के कच्चे माल, बाजार और परिवहन-लागत के संबंध से स्थान-निर्धारण समझाया जाता है।

स्रोत

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