RAS प्रश्न
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार ग्राम सभा की वर्ष में कम से कम कितनी बैठकें होनी चाहिए?
सही उत्तर: (A) दो बार।
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार ग्राम सभा की वर्ष में कम से कम 2 बैठकें होनी चाहिए, एक वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में और दूसरी अंतिम तिमाही में।
व्याख्या
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम में ग्राम सभा को पंचायत क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों में दर्ज व्यक्तियों की सभा माना गया है। अधिनियम साफ कहता है कि ग्राम सभा की हर वर्ष कम से कम 2 बैठकें होंगी: एक वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में और दूसरी अंतिम तिमाही में। पहली तिमाही की बैठक में पिछले वर्ष के खातों, प्रशासनिक प्रतिवेदन, विकास और अन्य कार्यक्रमों तथा अंतिम लेखा-परीक्षा प्रतिवेदन और उसके उत्तरों को रखा जाता है। अंतिम तिमाही की बैठक में वर्ष के खर्च, भौतिक और वित्तीय कार्यक्रमों, प्रस्तावित बदलावों और पंचायत के बजट तथा कर-प्रस्तावों को रखा जाता है। गणपूर्ति कुल सदस्यों के 1/10 भाग की है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) छह बार न्यूनतम कानूनी संख्या नहीं है, क्योंकि अधिनियम में ग्राम सभा के लिए हर वर्ष कम से कम 2 बैठकों की व्यवस्था दी गई है।
- (C) चार बार भी अधिनियम में निर्धारित न्यूनतम संख्या नहीं है; धारा 8A में पहली और अंतिम तिमाही की 2 बैठकों का उल्लेख है।
- (D) एक बार की बैठक पर्याप्त नहीं मानी जा सकती, क्योंकि अधिनियम साल में कम से कम 2 बैठकों को अनिवार्य करता है।
अवधारणा
यह प्रश्न ग्राम सभा की संरचना, बैठक और गणपूर्ति से जुड़े पंचायती राज के बुनियादी प्रावधान को परखता है। RAS में यह हिस्सा बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान की स्थानीय स्वशासन व्यवस्था में ग्राम सभा जवाबदेही और बजट-चर्चा का मुख्य मंच है।
