RAS प्रश्न
निम्नलिखित जैवक्षेत्र और जलवायु विशेषता के युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं? 1. उष्णकटिबंधीय वर्षावन — 20°C से अधिक वार्षिक औसत तापमान और वर्ष भर समान वर्षा 2. टैगा, अर्थात बोरियल वन — छोटी ठंडी ग्रीष्म ऋतु, लंबी कठोर सर्दी और 40–100 सेमी वर्षण, जो अधिकतर हिमपात के रूप में होता है 3. टुंड्रा — सतह के नीचे पर्माफ्रॉस्ट परत, बहुत कम वर्षण, यानी 25 सेमी से कम, और वास्तविक वृक्षों का अभाव 4. सवाना — स्पष्ट आर्द्र और शुष्क ऋतुएँ, 50–130 सेमी वार्षिक वर्षा तथा C4 घासों का प्रभुत्व 5. भूमध्यसागरीय — गर्म शुष्क ग्रीष्म ऋतु और ठंडी आर्द्र सर्दी, वार्षिक वर्षा 35–75 सेमी
सही उत्तर: (D) सभी पाँच।
प्रश्न में उष्णकटिबंधीय वर्षावन, टैगा, टुंड्रा, सवाना और भूमध्यसागरीय जैवक्षेत्रों को उनकी जलवायु संबंधी विशेषताओं के साथ सही जोड़ा गया है।
व्याख्या
गिनती 5 है, क्योंकि हर युग्म उस जैवक्षेत्र की जलवायु या वनस्पति के प्रमुख लक्षण को सही बताता है। NASA के ‘मिशन: बायोम्स’ पृष्ठों के अनुसार वर्षावन साल भर गर्म रहते हैं, उनका औसत दैनिक तापमान 20-25°C होता है और वहाँ बहुत अधिक वर्षा होती है; इनमें शुष्क ऋतु नहीं होती। टैगा में पौधों के बढ़ने का मौसम छोटा होता है, सर्दियाँ लंबी और कठोर होती हैं तथा 40-100 सेमी वर्षण होता है, जिसका अधिकांश भाग बर्फ़ के रूप में गिरता है। टुंड्रा में पर्माफ्रॉस्ट मिलता है, वर्षण बहुत कम होता है और वृक्ष नहीं उगते। सवाना उष्णकटिबंधीय घासभूमि है, जहाँ आर्द्र और शुष्क ऋतुएँ अलग-अलग होती हैं, 50-130 सेमी वर्षा होती है और C4 घासें मिलती हैं। भूमध्यसागरीय झाड़ीदार क्षेत्रों में गर्मियाँ गर्म और शुष्क होती हैं, जबकि सर्दियाँ ठंडी और नम होती हैं तथा अधिकांश वर्षा सर्दियों में होती है। पाँचों युग्म अपने-अपने जैवक्षेत्र को सही बताते हैं, इसलिए सही गिनती 5 है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) केवल 2 कहना सही नहीं है, क्योंकि वर्षावन, टैगा, टुंड्रा, सवाना और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों के पाँचों युग्म अपनी जलवायु या वनस्पति के बताए गए लक्षणों से मेल खाते हैं।
- (B) केवल 3 का उत्तर तभी सही होता, जब 2 युग्म गलत होते; यहाँ पाँचों विवरण अपने जैवक्षेत्र के लक्षणों के अनुरूप हैं।
- (C) केवल 4 कहना गलत है, क्योंकि वर्षावन, टैगा, टुंड्रा और सवाना के साथ भूमध्यसागरीय युग्म भी सही है।
अवधारणा
यह प्रश्न इस बात की समझ जाँचता है कि जलवायु को नियंत्रित करने वाले कारक और वर्षण का स्वरूप विश्व के अलग-अलग जैवक्षेत्रों की वनस्पति को कैसे प्रभावित करते हैं। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि एक जैसे दिखने वाले पारितंत्रों में अंतर करने के लिए ऋतुओं के अनुसार होने वाले बदलाव, वर्षा और तापमान की सीमाएँ समझनी होती हैं।
