RAS प्रश्न
गवरी (गवारी) राजस्थान की किस जनजाति से जुड़ी लोक नाट्य परंपरा है?
सही उत्तर: (D) भील।
गवरी या गवारी राजस्थान की भील जनजाति से जुड़ी लोक नाट्य परंपरा है।
व्याख्या
गवरी को पहचानने की कुंजी इसका समुदाय और क्षेत्र है: यह दक्षिणी राजस्थान की भील जनजाति की विशिष्ट लोक नाट्य परंपरा है। भील समुदाय इसे रक्षा बंधन के बाद लगभग 40 दिनों तक करता है और इसमें पौराणिक तथा सामाजिक विषयों का चित्रण होता है। राजस्थान कला एवं संस्कृति विभाग के गवरी उत्सव पृष्ठ पर भी इसे राजस्थान में भील जनजाति द्वारा किया जाने वाला प्रसिद्ध लोक नृत्य-नाट्य माना गया है। इसलिए गवरी या गवारी आते ही मीणा, सहरिया या गरासिया जैसे अन्य जनजातीय विकल्पों से अलग, भील को जोड़ना चाहिए। RAS में ऐसे प्रश्न अक्सर जनजाति और उससे जुड़ी कला-परंपरा के सीधे संबंध की जांच करते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मीणा राजस्थान की प्रमुख जनजाति है, लेकिन गवरी मीणा नहीं, भील जनजाति की परंपरा है।
- (B) सहरिया जनजाति हाड़ौती क्षेत्र से जुड़ी मानी गई है, जबकि गवरी दक्षिणी राजस्थान की भील परंपरा है।
- (C) गरासिया जनजाति की अपनी अलग लोक परंपराएं हैं; गवरी की पहचान भील समुदाय से जुड़ी है।
अवधारणा
राजस्थान की जनजातीय संस्कृति और लोक नाट्य परंपराओं में समुदाय और कला-रूप का प्रत्यक्ष मिलान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि कला-संस्कृति, क्षेत्र और समुदाय का संबंध प्रारंभिक परीक्षा में तेज पहचान वाला विषय है।
