RAS प्रश्न
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत प्रतिरोध संगठित करने के लिए जयप्रकाश नारायण किस जेल से भागे थे?
सही उत्तर: (B) हज़ारीबाग केंद्रीय जेल।
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत प्रतिरोध संगठित करने के लिए जयप्रकाश नारायण 9 नवंबर 1942 को हज़ारीबाग केंद्रीय जेल से भागे थे।
व्याख्या
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण और भूमिगत प्रतिरोध की कड़ी हज़ारीबाग केंद्रीय जेल से जुड़ती है। सूरज नारायण सिंह, जयप्रकाश नारायण, योगेन्द्र शुक्ल और अन्य नेता 9 नवंबर 1942 को हज़ारीबाग जेल से भागे। इस पलायन के बाद वे उत्तर बिहार गए, सरकारी मशीनरी को निष्क्रिय करने की गतिविधियों में सक्रिय रहे और नेपाल में जयप्रकाश नारायण के साथ आजाद दस्ता की स्थापना से भी जुड़े। इसलिए जेल की पहचान निर्णायक है: घटना आगा खान पैलेस, यरवदा जेल या अहमदनगर किले से नहीं, बल्कि हज़ारीबाग केंद्रीय जेल से संबंधित है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अहमदनगर किला सही नहीं है, क्योंकि जयप्रकाश नारायण का 9 नवंबर 1942 का पलायन हज़ारीबाग जेल से जुड़ा था।
- (C) आगा खान पैलेस सही नहीं है, क्योंकि भूमिगत प्रतिरोध की यह कड़ी हज़ारीबाग जेल से भागने की घटना से संबंधित है।
- (D) यरवदा जेल सही नहीं है, क्योंकि जयप्रकाश नारायण, योगेन्द्र शुक्ल और अन्य नेताओं का पलायन हज़ारीबाग जेल से दर्ज है।
अवधारणा
भारत छोड़ो आंदोलन में भूमिगत क्रांतिकारी गतिविधियों और समाजवादी नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण थी। RAS में ऐसी घटनाएं बार-बार आती हैं क्योंकि वे आंदोलन के संगठन, नेतृत्व और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रतिरोध की पद्धति को जोड़ती हैं।
