RAS प्रश्न
राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में सीवरेज और स्वच्छता के बारे में: 1. जयपुर के भूमिगत सीवरेज नेटवर्क का बड़ा हिस्सा विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित जयपुर सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया था। 2. RUIDP ने अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे चरण-I शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन कार्य लिए थे। 3. NUSP के अनुसार 100% स्वच्छता कवरेज प्राप्त करने वाले शहर को ODF+ प्रमाणन मिलता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2।
जयपुर के सीवरेज विस्तार में विश्व बैंक से वित्तपोषित जयपुर सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की सहायता थी और आरयूआईडीपी चरण-I में राजस्थान के प्रमुख शहरों में अपशिष्ट जल प्रबंधन शामिल था, लेकिन ओडीएफ प्लस प्रमाणन एनयूएसपी के तहत नहीं आता।
व्याख्या
कथन 1 सही है, क्योंकि जयपुर के सीवरेज विस्तार को विश्व बैंक से वित्तपोषित जयपुर सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन और विश्व बैंक ऋणों से महत्वपूर्ण सहायता मिली। कथन 2 भी सही है: आरयूआईडीपी चरण-I एडीबी-सहायता प्राप्त परियोजना थी, जिसमें अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर शामिल थे; इसके कार्यक्षेत्र में जलापूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्र आते थे। कथन 3 गलत है, क्योंकि ओडीएफ प्लस एनयूएसपी का प्रमाणन नहीं है; स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मानकीकृत प्रोटोकॉल के तहत ओडीएफ, ओडीएफ प्लस, ओडीएफ डबल प्लस और वाटर प्लस मूल्यांकन-प्रमाणन ढाँचे का हिस्सा हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) B में कथन 3 को सही मान लिया गया है, जबकि ओडीएफ प्लस स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का प्रोटोकॉल है, एनयूएसपी का प्रमाणन नहीं।
- (C) C में कथन 2 छूट जाता है, जबकि आरयूआईडीपी चरण-I में राजस्थान के शहरों के लिए अपशिष्ट जल प्रबंधन सहित शहरी आधारभूत काम शामिल थे।
- (D) D तीनों कथनों को सही मानता है, पर कथन 3 गलत है क्योंकि एनयूएसपी नीति ढाँचा देता है, ओडीएफ प्लस प्रमाणन जारी नहीं करता।
अवधारणा
राजस्थान के शहरी आधारभूत ढाँचे, सीवरेज परियोजनाओं और स्वच्छता-प्रमाणन ढाँचों में अंतर समझना जरूरी है। आरएएस में ऐसे बिंदु बार-बार आते हैं क्योंकि राज्य की योजनाओं और केंद्रीय मिशनों के नाम मिलते-जुलते लगते हैं, पर उनकी भूमिका अलग होती है।
