RAS प्रश्न
जमुनापारी बकरी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करो: 1. यह भारत की सबसे लंबी बकरी नस्ल है। 2. इसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुई। 3. यह राजस्थान में केवल यमुना नदी के किनारे के पूर्वी जिलों में पाई जाती है। 4. यह मुख्यतः एक दूध नस्ल है जिसका प्रतिदिन दूध उत्पादन उच्च होता है। कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (B) केवल 1, 2 और 4।
जमुनापारी भारत की सबसे लंबी और ऊँची बकरी नस्ल है, जिसका मूल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के इटावा-औरैया क्षेत्र में है और जिसे दूध उत्पादन के लिए जाना जाता है।
व्याख्या
सही कथन 1, 2 और 4 हैं। जमुनापारी भारत की सबसे लंबी और ऊँची बकरी नस्ल है और इसकी उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यमुना-चंबल संगम के पास मानी जाती है। ICAR-CIRG वार्षिक प्रतिवेदन 2024 में भी जमुनापारी भारत की बड़ी आकार वाली बकरी नस्ल है, जिसका प्राकृतिक आवास उत्तर प्रदेश के इटावा और औरैया जिलों के चकरनगर क्षेत्र में है। यह नस्ल दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और जमुनापारी इकाई के दुग्ध-लक्षण भी इसके दूध उपयोग को पुष्ट करते हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि राजस्थान में इसका उल्लेख भरतपुर-धौलपुर क्षेत्र तक मिलता है, केवल यमुना किनारे के पूर्वी जिलों तक नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A में कथन 3 शामिल है, जबकि जमुनापारी राजस्थान में केवल यमुना किनारे के जिलों तक सीमित नहीं है।
- (C) C कथन 1 को छोड़ देता है, जबकि जमुनापारी भारत की सबसे लंबी और ऊँची बकरी नस्ल है; साथ ही यह गलत कथन 3 को भी शामिल करता है।
- (D) D में कथन 2 नहीं है, जबकि जमुनापारी का मूल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के चकरनगर क्षेत्र से जोड़ा गया है।
अवधारणा
राजस्थान भूगोल में पशुधन नस्लों, उनके मूल क्षेत्र और आर्थिक उपयोग की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसी नस्लें बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि वे कृषि-पशुपालन, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और स्थान-विशेष ज्ञान को एक साथ जोड़ती हैं।
