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RAS प्रश्न

राजस्थान में जनजातीय त्योहारों और आयोजनों तथा उनके संबंधित जिलों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बाणेश्वर मेला — डूँगरपुर 2. माँगढ़ धाम — बाँसवाड़ा 3. सीता माता मेला — बारां 4. चैत्र पूर्णिमा मेला (भील) — उदयपुर ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/कौन-से सही सुमेलित है/हैं?

सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2।

बाणेश्वर मेला डूँगरपुर और माँगढ़ धाम बाँसवाड़ा से सही जुड़े हैं, जबकि सीता माता मेला बारां तथा चैत्र पूर्णिमा मेला उदयपुर से सही नहीं जुड़े।

  1. (A)

    केवल 1 और 2

  2. (B)

    केवल 1, 2 और 4

  3. (C)

    1, 2, 3 और 4

  4. (D)

    केवल 2 और 3

व्याख्या

बाणेश्वर मेला डूँगरपुर के बाणेश्वर धाम/बाणेश्वर मंदिर से जुड़ा है, इसलिए युग्म 1 सही है। माँगढ़ धाम बाँसवाड़ा में गोविंद गुरु और भील समुदाय की स्मृति से जुड़ा स्थल है; 1913 के भील नरसंहार के कारण इसका जनजातीय इतिहास में खास महत्व है, इसलिए युग्म 2 भी सही है। सीता माता मेला बारां में नहीं, प्रतापगढ़ जिले में सीता माता वन्यजीव अभयारण्य के पास लगता है, इसलिए युग्म 3 गलत है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार चैत्र पूर्णिमा का भैरव जी उत्सव बाँसवाड़ा के अंतर्गत आता है, उदयपुर के अंतर्गत नहीं; इसलिए युग्म 4 भी सही नहीं माना जाएगा।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) युग्म 4 सही नहीं है, क्योंकि चैत्र पूर्णिमा का भैरव जी उत्सव उदयपुर नहीं बल्कि बाँसवाड़ा के अंतर्गत आता है।
  • (C) चारों युग्म सही नहीं हैं; सीता माता मेला बारां से नहीं प्रतापगढ़ से जुड़ा है और चैत्र पूर्णिमा का भैरव जी उत्सव उदयपुर से जुड़ा नहीं है।
  • (D) युग्म 3 गलत है और युग्म 1 सही है; सीता माता मेला बारां से गलत जुड़ा है, जबकि बाणेश्वर मेला डूँगरपुर से सही जुड़ा है।

अवधारणा

राजस्थान के जनजातीय भूगोल में मेलों, तीर्थ-स्थलों और जिलों की स्थानिक पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि भील क्षेत्र, वागड़ और दक्षिणी राजस्थान के सांस्कृतिक स्थल सीधे भूगोल और इतिहास दोनों से जुड़े हैं।

स्रोत

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