RAS प्रश्न
क्या राजस्थान के राज्यपाल मृत्युदंड के मामले में क्षमादान दे सकते हैं?
सही उत्तर: (B) नहीं, केवल राष्ट्रपति कर सकते हैं।
मृत्युदंड के मामले में क्षमादान देने की शक्ति राज्यपाल के पास नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 72 के तहत है।
व्याख्या
इस प्रश्न की कुंजी क्षमादान और दंड में कमी या बदलाव के बीच का फर्क है। संविधान के अनुच्छेद 72 में राष्ट्रपति को क्षमादान, दंड-स्थगन, दंड-परिहार और दंड-परिवर्तन की शक्ति दी गई है, और इसमें मृत्युदंड के सभी मामले साफ तौर पर शामिल हैं। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को केवल उन अपराधों पर ऐसी शक्तियां देता है जो राज्य की कार्यपालिका शक्ति के दायरे में आते हैं। अनुच्छेद 72(3) मृत्युदंड के संदर्भ में राज्यपाल की कुछ वैधानिक शक्तियों को बचाता है, लेकिन वह क्षमादान की शक्ति राज्यपाल को नहीं देता। इसलिए राजस्थान के राज्यपाल मृत्युदंड में क्षमादान नहीं दे सकते; यह शक्ति राष्ट्रपति की है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 161 राज्यपाल को राज्य-विषयक अपराधों पर शक्ति देता है, लेकिन मृत्युदंड में क्षमादान को अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति की शक्ति माना गया है।
- (C) न्यायालय दोषसिद्धि और दंड पर निर्णय देते हैं, लेकिन प्रश्न संवैधानिक क्षमादान शक्ति का है, जो मृत्युदंड में राष्ट्रपति से जुड़ी है।
- (D) यह राष्ट्रपति की मंजूरी लेकर राज्यपाल द्वारा क्षमादान देने का मामला नहीं है; मृत्युदंड में क्षमादान की शक्ति ही राष्ट्रपति के पास है।
अवधारणा
यह प्रश्न राज्यपाल और राष्ट्रपति की क्षमादान शक्तियों के संवैधानिक विभाजन को परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि राज्यपाल की शक्तियों में अनुच्छेद 161 और अनुच्छेद 72 की सीमा अक्सर भ्रम पैदा करती है।
