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RAS प्रश्न

भगत सिंह ने 'मैं नास्तिक क्यों हूँ' कहाँ लिखा?

सही उत्तर: (D) लाहौर जेल (1930-31)।

भगत सिंह ने ‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ 1930 में लाहौर जेल में लिखा था।

  1. (A)

    यरवदा जेल

  2. (B)

    अंडमान जेल

  3. (C)

    साबरमती जेल

  4. (D)

    लाहौर जेल (1930-31)

व्याख्या

‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ भगत सिंह का निबंध था, जिसे उन्होंने 1930 में लाहौर जेल में लिखा। LBSNAA के पुस्तकालय रिकॉर्ड में भी इसका सार यही बताता है कि यह भारतीय क्रांतिकारी भगत सिंह द्वारा 1930 में लाहौर केंद्रीय जेल में लिखा गया निबंध था। यह लाहौर षड्यंत्र मुकदमे की सुनवाई के दौरान लिखा गया और उनके नास्तिक विचारों पर हुई आलोचना का उत्तर था। इसलिए स्थान के आधार पर सही विकल्प लाहौर जेल है, न कि कोई दूसरी जेल। भगत सिंह व्यापक अध्ययन करने वाले क्रांतिकारी थे और मार्क्स, लेनिन, ट्रॉट्स्की तथा बकुनिन जैसे चिंतकों से प्रभावित थे।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) यरवदा जेल इस रचना से जुड़ा स्थान नहीं है; उपलब्ध संदर्भ 1930 में लाहौर जेल को बताते हैं।
  • (B) अंडमान जेल गलत है, क्योंकि भगत सिंह उस समय लाहौर षड्यंत्र मुकदमे की सुनवाई के दौरान लाहौर जेल में थे।
  • (C) साबरमती जेल का उल्लेख इस निबंध की रचना-स्थली के रूप में नहीं मिलता; सही संदर्भ लाहौर जेल का है।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भारत के क्रांतिकारी आंदोलन में भगत सिंह के विचार और लेखन को परखता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे व्यक्ति, रचना और ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़कर पूछे जाते हैं।

स्रोत

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