RAS प्रश्न
बरखान बालू के टीले राजस्थान के किस भाग में सामान्यतः पाए जाते हैं?
सही उत्तर: (A) पश्चिमी थार मरुस्थल।
बरखान यानी अर्धचंद्राकार बालू के टीले राजस्थान के पश्चिमी थार मरुस्थल में आम तौर पर पाए जाते हैं।
व्याख्या
बरखान अर्धचंद्राकार बालू के टीले हैं, जो शुष्क क्षेत्रों में हवा से बनते हैं। राजस्थान में ये पश्चिमी रेतीले मैदान में मिलते हैं। राजस्थान वन विभाग की ‘शुष्क भूमि वनीकरण और प्रबंधन मैनुअल’ में इस मैदान के पश्चिमी हिस्से को थार मरुस्थल बताया गया है। बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और चूरू को शामिल करने वाला यह शुष्क और रेतीला मैदान मरुस्थली कहलाता है। यहाँ बालू के टीले आम हैं और अर्धचंद्राकार टीले इनके प्रमुख प्रकारों में से एक हैं। इसलिए बरखान पश्चिमी थार मरुस्थल में, खासकर जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के आसपास, आम तौर पर पाए जाते हैं; राजस्थान के पठारी, पहाड़ी या उपजाऊ मैदानी क्षेत्रों में नहीं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) मेवाड़ दक्षिणी राजस्थान का पहाड़ी क्षेत्र है, इसलिए वहाँ बरखान बनाने वाला शुष्क और हवा से प्रभावित रेतीला भूभाग नहीं मिलता।
- (C) पूर्वी मैदान उपजाऊ कृषि भूमि हैं, न कि अर्धचंद्राकार बालू के टीलों वाला मरुस्थलीय भूभाग।
- (D) हाड़ौती पठार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में है, जबकि टीलों वाला रेतीला भूभाग पश्चिमी रेतीले मैदान और थार मरुस्थल की पट्टी में मिलता है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के भौतिक भूगोल और भू-आकृतियों की समझ परखता है, खासकर यह कि हवा से अलग-अलग तरह के बालू के टीले कैसे बनते हैं और थार मरुस्थल में कहाँ पाए जाते हैं। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि पश्चिमी राजस्थान की जलवायु, बालू के टीलों के प्रकार, शुष्क क्षेत्रों में भू-आकृतियाँ बनने की प्रक्रियाएँ और राजस्थान के भौतिक विभाग राज्य के भूगोल के प्रमुख विषय हैं।
