RAS प्रश्न
किस सत्र में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज से पहले समझौते के रूप में डोमिनियन स्टेटस की माँग स्वीकार की?
सही उत्तर: (D) कलकत्ता सत्र, 1928 (नेहरू रिपोर्ट)।
पूर्ण स्वराज से पहले समझौते के रूप में डोमिनियन स्टेटस की माँग कांग्रेस ने दिसंबर 1928 के कलकत्ता सत्र में नेहरू रिपोर्ट स्वीकार करते समय मानी।
व्याख्या
मुद्दा साइमन कमीशन के बहिष्कार के बाद संवैधानिक सुधारों का भारतीय प्रस्ताव तैयार करने का था। फ़रवरी 1928 में सर्वदलीय सम्मेलन हुआ और मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता वाली समिति ने अगस्त 1928 में नेहरू रिपोर्ट दी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को दिसंबर 1928 के कलकत्ता सत्र में स्वीकार किया। रिपोर्ट में डोमिनियन स्टेटस को अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि संवैधानिक सुधारों का तुरंत अगला कदम माना गया था। कांग्रेस ने चेतावनी भी रखी कि 31 दिसंबर 1929 तक यह दर्जा न मिलने पर वह पूर्ण स्वराज की माँग करेगी। इसी क्रम ने आगे लाहौर प्रस्ताव की भूमिका बनाई।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) फ़ैज़पुर सत्र 1936 कांग्रेस का पहला ग्रामीण सत्र माना जाता है; नेहरू रिपोर्ट और डोमिनियन स्टेटस की स्वीकृति इससे पहले दिसंबर 1928 के कलकत्ता सत्र में हो चुकी थी।
- (B) बॉम्बे सत्र 1934 अलग संदर्भ का सत्र था; नेहरू रिपोर्ट की पुष्टि कांग्रेस के दिसंबर 1928 कलकत्ता सत्र से जुड़ी है।
- (C) मद्रास सत्र 1927 नेहरू रिपोर्ट से पहले का सत्र था, जबकि रिपोर्ट अगस्त 1928 में बनी और कांग्रेस ने उसे दिसंबर 1928 के कलकत्ता सत्र में स्वीकार किया।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में संवैधानिक सुधार, नेहरू रिपोर्ट और पूर्ण स्वराज की ओर बढ़ता कांग्रेस रुख एक जुड़े हुए क्रम में आते हैं। RAS में यह हिस्सा बार-बार आता है क्योंकि 1928-29 की घटनाएँ डोमिनियन स्टेटस से पूर्ण स्वराज तक के राजनीतिक बदलाव को साफ दिखाती हैं।
