RAS प्रश्न
अभिकथन (A): उष्णकटिबंधीय वर्षावन के पेड़ों में बट्रेस जड़ें विकसित होती हैं, यानी तने के आधार से बाहर की ओर फैली बड़ी त्रिकोणीय सहायक जड़ें। कारण (R): उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की पोषण-समृद्ध, गहरी मिट्टी अकेले पारंपरिक जड़ प्रणाली से लंबे पेड़ों का भार नहीं उठा सकती, इसलिए अतिरिक्त संरचनात्मक सहारे की आवश्यकता होती है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
सही उत्तर: (C) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
उष्णकटिबंधीय वर्षावन के ऊंचे पेड़ों में बट्रेस जड़ें होती हैं, लेकिन उनका कारण पोषण-समृद्ध गहरी मिट्टी नहीं, बल्कि उथली और जलसंतृप्त मिट्टी में स्थिरता की जरूरत है।
व्याख्या
अभिकथन सही है, क्योंकि बट्रेस जड़ें तने के आधार से बाहर निकली तख्ते जैसी सहायक जड़ें होती हैं और ऊंचे वर्षावन पेड़ों को टिकाए रखने में मदद करती हैं। Britannica के अनुसार ये पार्श्व सतही जड़ों के हवाई विस्तार हैं और खासकर उथली, संतृप्त मिट्टी में पेड़ को गिरने से बचाती हैं। कारण गलत है, क्योंकि प्रश्न में वर्षावन मिट्टी को पोषण-समृद्ध और गहरी बताया गया है, जबकि ऐसी मिट्टी पोषक तत्वों में गरीब होती है; पोषक तत्व मुख्यतः ऊपर की वनस्पति और पत्ती-कूड़े में तेजी से चक्रित होते हैं, मिट्टी में जमा नहीं रहते। भारी वर्षा खनिजों को धोकर बाहर ले जाती है, इसलिए गहरी मूसला जड़ के बजाय सतही सहारा महत्वपूर्ण हो जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A में R को भी सत्य और A का सही स्पष्टीकरण माना गया है, जबकि R पोषण-समृद्ध, गहरी मिट्टी वाली गलत धारणा पर आधारित है।
- (B) B तभी सही होता जब A और R दोनों सत्य होते, पर यहां R ही असत्य है क्योंकि वर्षावन मिट्टी पोषण-समृद्ध नहीं बताई जा सकती।
- (D) D में A को असत्य माना गया है, जबकि बट्रेस जड़ें उष्णकटिबंधीय वर्षावन पेड़ों का स्थापित सहायक अनुकूलन हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राकृतिक वनस्पति और मिट्टी-वनस्पति संबंध में संरचनात्मक अनुकूलन की समझ जांचता है। RAS में ऐसे कथन-कारण प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे केवल तथ्य नहीं, कारण-व्याख्या की शुद्धता भी परखते हैं।
