MCQ
भारत-मंगोलिया बौद्ध सांस्कृतिक संबंध MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत-मंगोलिया बौद्ध सांस्कृतिक संबंध के 2 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1मंगोलिया में भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की 2026 की प्रदर्शनी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. अवशेष उलानबटोर के गंदन तेगचेनलिंग मठ में प्रदर्शित किए गए।\n2. प्रदर्शनी का आयोजन संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय ने किया।\n3. प्रदर्शनी की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना की भारत यात्रा के दौरान की।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
PIB विज्ञप्ति के अनुसार तीनों कथन सही हैं। अर्हत सारिपुत्र और अर्हत मौद्गल्यायन के अवशेष उलानबटोर के गंदन तेगचेनलिंग मठ में प्रदर्शित किए गए (कथन 1)। प्रदर्शनी का आयोजन संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय ने सहयोगियों के साथ किया (कथन 2)। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना की भारत यात्रा के दौरान की (कथन 3)। अतः विकल्प D सही है।
प्र.2अभिकथन (A): भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों से मंगोलिया ले जाया और वापस लाया गया।\nकारण (R): इन अवशेषों को प्रोटोकॉल और सुरक्षा की दृष्टि से राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा प्राप्त है।
PIB विज्ञप्ति के अनुसार दोनों कथन तथ्यतः सत्य हैं। अवशेषों को वास्तव में भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों से ले जाया गया, और उन्हें राष्ट्राध्यक्ष का प्रोटोकॉल दर्जा प्राप्त है। तथापि वायुसेना के विशेष विमानों का उपयोग एक व्यवस्थागत एवं सुरक्षात्मक प्रबंध है; प्रोटोकॉल दर्जा सम्मान के स्तर को दर्शाता है, परंतु इसे विशेष विमानों के चयन का प्रत्यक्ष एवं एकमात्र कारण नहीं बताया गया है, अतः R, A की सही व्याख्या नहीं है। इसलिए दोनों सत्य हैं किंतु R सही व्याख्या नहीं, अतः B सही है।
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