Aspirant Academy

MCQ

हिन्दी शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, बहुभाषी कक्षा MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए हिन्दी शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, बहुभाषी कक्षा के 145 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1हिन्दी भाषा की कक्षा में समूह-पठन के दौरान शिक्षक देखता है कि कई विद्यार्थी शब्द तो पढ़ ले रहे हैं, पर गद्यांश में वक्ता के भाव या दृष्टिकोण का अनुमान नहीं लगा पा रहे। सतत एवं समग्र मूल्यांकन के अंतर्गत शिक्षक का सबसे उपयुक्त अगला कदम क्या होना चाहिए?

A अवलोकन दर्ज करे, तुरंत प्रतिक्रिया दे और आगे बढ़ने से पहले अनुमान-आधारित एक छोटी गतिविधि कराए
B गद्यांश का स्तर स्थायी रूप से आसान कर दे, ताकि कोई विद्यार्थी अर्थ-व्याख्या में गलती न करे
C कठिनाई को अनदेखा करे, क्योंकि मौखिक चर्चा भाषा-मूल्यांकन का वैध आधार नहीं है
D मासिक लिखित परीक्षा तक प्रतीक्षा करे, क्योंकि अनुमान-क्षमता केवल अंकों से ही जांची जा सकती है
व्याख्या

सतत एवं समग्र मूल्यांकन पढ़ाने के बाद जोड़ी गई अलग घटना नहीं है। इसमें शिक्षण के दौरान ही प्रमाण जुटाए जाते हैं और उन्हें प्रतिक्रिया, सुधारात्मक कार्य तथा कक्षा-रणनीति में बदलाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यहां कठिनाई विशेष रूप से अनुमानात्मक बोध से जुड़ी है, इसलिए शिक्षक को प्रमाण दर्ज कर तुरंत केंद्रित सीखने का अवसर बनाना चाहिए।

प्र.2एक शिक्षक हिन्दी में उच्चारण और श्रवण-भेद का अभ्यास करा रहा है। इस उद्देश्य को सीधे सहारा देने वाली सामग्री कौन-सी होगी?

A गृहकार्य जमा करने की तिथियों की सूची
B परीक्षा-नियमों का चार्ट
C भारत का मौन दीवार-मानचित्र
D स्पष्ट उच्चारण की ध्वनि-रिकॉर्डिंग, जिसके बाद विद्यार्थी दोहराएँ
व्याख्या

उच्चारण-कार्य में सुनाई देने वाला इनपुट ज़रूरी होता है। छोटी और स्पष्ट रिकॉर्डिंग से विद्यार्थी लक्ष्य ध्वनियाँ सुनते हैं, अपनी बोली से तुलना करते हैं और दोहराकर अभ्यास करते हैं; दृश्य या प्रशासनिक सामग्री इस श्रवण-नमूने की जगह नहीं ले सकती।

प्र.3हिन्दी पाठ के लिए सहायक सामग्री चुनते समय कौन-सा सिद्धांत मार्गदर्शक होना चाहिए?

A सामग्री केवल कक्षा-सजावट के लिए चुनना
B कक्षा को व्यस्त दिखाने के लिए एक साथ बहुत-सी सामग्री प्रयोग करना
C सामग्री को उद्देश्य, विद्यार्थी-स्तर और विषय-वस्तु से मिलाकर चुनना
D जो सबसे महंगी सामग्री मिले वही चुनना, चाहे वह पाठ से मेल खाए या नहीं
व्याख्या

सहायक सामग्री प्रासंगिक, स्पष्ट, किफायती, आयु के अनुरूप और उद्देश्य से जुड़ी होनी चाहिए। जो सामग्री देखने में प्रभावशाली हो पर पाठ की जरूरत पूरी न करे, वह सीखने को बढ़ाने के बजाय घटा भी सकती है।

प्र.4हिन्दी कविता में अलंकारों के विश्लेषण से पहले शिक्षक विद्यार्थियों में बिंब और लय की सराहना विकसित करना चाहता है। कौन-सी कक्षा-गतिविधि सबसे उपयुक्त होगी?

A कवि के जीवन-वृत्त से जुड़े तथ्य देकर उनका संक्षिप्त उत्तर लिखवाना
B हर पंक्ति को गद्य में बदलकर उसका भावार्थ रटवाना
C भावपूर्ण सस्वर पाठ कराना, फिर बिंबों, भावों और ध्वनि-रचना पर निर्देशित प्रश्न पूछना
D कविता सुनाने से पहले विद्यार्थियों से उसमें आए सभी अलंकारों के उदाहरण लिखवाना
व्याख्या

कविता का आरंभ सुनने, सस्वर पाठ, स्वर, बिंब और भावात्मक प्रतिक्रिया से कराना अधिक फलदायी होता है। जब विद्यार्थी कविता को कविता की तरह अनुभव कर लेते हैं, तब शिक्षक रूपक, उपमा, अनुप्रास और अन्य काव्य-विशेषताओं की ओर उन्हें ले जा सकता है; इससे पाठ यांत्रिक नहीं बनता।

प्र.5शिक्षक विद्यार्थियों से घर से लाए गए वास्तविक हिन्दी सूचना-पत्र, निमंत्रण-पत्र और समाचार-पत्रों की सुर्खियाँ पढ़वाता है। इन सामग्रियों को सबसे ठीक किस रूप में समझा जाएगा?

A भाषा को वास्तविक प्रयोग से जोड़ने वाली प्रामाणिक पठन-सामग्री
B केवल हस्तलेख-सुधार के लिए बनाई गई सामग्री
C शिक्षक की सारी व्याख्या का विकल्प
D असंबंधित सामग्री, क्योंकि इन्हें पाठ्यपुस्तक-लेखक ने नहीं लिखा है
व्याख्या

सूचना-पत्र, निमंत्रण-पत्र और सुर्खियाँ प्रामाणिक सामग्री हैं, क्योंकि वे पाठ्यपुस्तक से बाहर वास्तविक संप्रेषण से आती हैं। पठन-कार्य के साथ इनके उपयोग से विद्यार्थी कक्षा की हिन्दी को रोजमर्रा के भाषा-प्रयोग से जोड़ते हैं।

आपने 145 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

हिन्दी शिक्षण — विधियाँ, सामग्री, बहुभाषी कक्षा पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6रचना-शिक्षण में शिक्षक विद्यार्थियों से विचार-संग्रह कराता है, रूपरेखा बनवाता है, पहला मसौदा लिखवाता है, सहपाठी प्रतिक्रिया के आधार पर संशोधन करवाता है और फिर अंतिम रूप जमा करवाता है। यह क्रम मुख्यतः किस पद्धति को दर्शाता है?

Aव्याकरण-अनुवाद पद्धति
Bलेखन की प्रक्रिया-पद्धति
Cशुद्ध श्रुतलेख-पद्धति
Dआदर्श निबंधों का रटकर स्मरण

7नीचे दो कथन दिए गए हैं: अभिकथन क और कारण ख। अभिकथन क: हिंदी भाषा-शिक्षण में नैदानिक परीक्षण के बाद ऐसा उपचारात्मक शिक्षण होना चाहिए जो विद्यार्थी के देखे गए त्रुटि-रूप के अनुसार विशिष्ट हो। कारण ख: कक्षा-मूल्यांकन का उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को सुधारना है, विद्यार्थियों पर स्थायी ठप्पा लगाना नहीं। सबसे उपयुक्त विकल्प चुनिए।

Aक और ख दोनों सत्य हैं, और ख, क की सही व्याख्या करता है।
Bक और ख दोनों सत्य हैं, पर ख, क की व्याख्या नहीं करता।
Cक असत्य है, पर ख सत्य है।
Dक सत्य है, पर ख असत्य है।

8हिंदी भाषा के नैदानिक परीक्षण को इकाई के अंत में लिए जाने वाले उपलब्धि परीक्षण से सबसे स्पष्ट रूप से कौन-सी विशेषता अलग करती है?

Aवह निर्धारित पूरी इकाई को समेटता है और अगली कक्षा में भेजने के लिए अंतिम अंक देता है।
Bवह सीखने की कठिनाई का ठीक कारण पहचानने के लिए पूर्वापेक्षित और घटक-कौशलों का नमूना लेता है।
Cवह हमेशा वार्षिक परीक्षा से लंबा होता है, क्योंकि उसमें हर अध्याय शामिल करना ज़रूरी है।
Dवह प्रतिक्रिया देने से बचता है, ताकि विद्यार्थी शिक्षक पर निर्भर न हो जाएँ।

9भूतकालीन सकर्मक वाक्यों में ने के गलत प्रयोग पर हिंदी व्याकरण सीखने के लिए कौन-सा क्रम सबसे अधिक उचित नैदानिक-उपचारात्मक चक्र दिखाता है?

Aपूरा अध्याय पढ़ाना, अचानक परीक्षा लेना, विद्यार्थियों की रैंक बनाना और अगले पाठ पर बढ़ जाना।
Bस्पष्ट व्याकरण पढ़ाने से बचना, क्योंकि मौन पठन से सभी व्याकरणिक त्रुटियां अपने-आप समाप्त हो जाती हैं।
Cविद्यार्थियों के वाक्य इकट्ठे करना, गलत प्रयोग के संदर्भों को वर्गीकृत करना, तुलनात्मक उदाहरण पढ़ाना, निर्देशित अभ्यास देना और नए वाक्यों से दोबारा जांच करना।
Dविद्यार्थियों से कारक की परिभाषा रटवाकर दस बार लिखवाना।

10हिंदी में मौखिक अभिव्यक्ति विकसित करने के लिए जल संरक्षण पर कक्षा-चर्चा में कौन-सा क्रम सबसे उपयुक्त है?

Aएक संकेत दिया जाए, थोड़ा सोचने का समय मिले, जोड़ी में बातचीत कराई जाए और फिर छोटे कक्षा-प्रस्तुतिकरण कराए जाएँ।
Bपहले आदर्श उत्तर लिखवाया जाए, फिर विद्यार्थियों से उसे मौखिक रूप से दोहराने को कहा जाए।
Cहर विद्यार्थी के पहले ही वाक्य में भाषा की छोटी-छोटी त्रुटियाँ तुरंत सुधारी जाएँ।
Dविद्यार्थियों से जल संरक्षण से जुड़ी परिभाषाएँ चुपचाप नकल करवाई जाएँ।

11हिन्दी रचना-शिक्षण के दौरान श्यामपट्ट का कौन-सा उपयोग शैक्षिक दृष्टि से सबसे मजबूत है?

Aपट्ट खाली रखना ताकि विद्यार्थी केवल स्मृति पर निर्भर रहें
Bविद्यार्थियों की भागीदारी से रूपरेखा, प्रमुख शब्द और बेहतर वाक्य विकसित करना
Cपूरा आदर्श उत्तर लिखकर विद्यार्थियों से हूबहू उतरवाना
Dकक्षा शुरू होने से पहले असंबंधित नारे लिख देना

12गद्य-पाठ पूरा कराने के बाद शिक्षक उसी विषय से जुड़ा एक अपठित अनुच्छेद देता है और विद्यार्थियों से केंद्रीय भाव पहचानकर पाठ-संकेतों के आधार पर उसे उचित ठहराने को कहता है। यह मुख्यतः किसका उदाहरण है?

Aहस्तलेखन की गति बढ़ाने के लिए यांत्रिक अभ्यास
Bपाठ से पहले विद्यार्थियों की तैयारी का पूर्व-मूल्यांकन
Cपठन-बोध के स्थानांतरण का पाठोपरांत मूल्यांकन
Dकक्षा में बैठने की अनौपचारिक व्यवस्था

13एक विद्यार्थी सस्वर पठन धाराप्रवाह करता है, लेकिन गद्यांश से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाता। हिंदी शिक्षक को सबसे पहले क्या निष्कर्ष निकालना चाहिए?

Aविद्यार्थी को अनुमान, प्रश्न-निर्माण और सार-लेखन जैसी समझ-केंद्रित पठन गतिविधियों की जरूरत है।
Bविद्यार्थी को केवल व्याकरणिक परिभाषाएँ और अधिक याद करने की जरूरत है।
Cविद्यार्थी ने पठन पर पूरी पकड़ बना ली है, क्योंकि उसका उच्चारण धाराप्रवाह है।
Dविद्यार्थी को सस्वर पठन बंद करके केवल लिखावट का अभ्यास करना चाहिए।

14हिन्दी में सस्वर वाचन के मूल्यांकन के लिए कौन-सा संकेतक सबसे अधिक प्रासंगिक है?

Aविद्यार्थी पाठ पढ़ने से पहले लेखक की जीवनी याद करता है।
Bविद्यार्थी पाठ को मौन रूप से पढ़ने के बाद लंबा सार लिखता है।
Cविद्यार्थी मुद्रित पाठ में सभी अलंकार पहचानता है।
Dविद्यार्थी शुद्ध उच्चारण, उपयुक्त विराम, स्पष्ट बलाघात और अर्थानुकूल स्वर-लय के साथ पढ़ता है।

15एक शिक्षक हिन्दी वाक्यों में ‘ने’ के सही प्रयोग का शिक्षण कराना चाहता है। संदर्भ-आधारित व्याकरण-शिक्षण की दृष्टि से कौन-सा तरीका सबसे उपयुक्त है?

Aबातचीत के दौरान विद्यार्थी की हर गलती को उसके बोलना पूरा करने से पहले ही सुधार देना
Bकिसी कहानी से अर्थपूर्ण वाक्य-युग्म देना, विद्यार्थियों को प्रयोग का ढाँचा पहचानने में मार्गदर्शन देना और उनसे अपने वाक्यों में उसका प्रयोग कराना
Cविद्यार्थियों से कारक की परिभाषा याद करवाकर उसे कॉपी में लिखवाना
Dव्याकरण को पूरी तरह छोड़ देना, क्योंकि विद्यालयी भाषा-शिक्षण में केवल मुक्त बातचीत होनी चाहिए

हिंदी — भाग III (शिक्षण विधियाँ) में और विषय

अन्य विषय देखें