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राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009: नगरपालिका की शक्तियाँ, अपराध, अभियोजन और वाद MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009: नगरपालिका की शक्तियाँ, अपराध, अभियोजन और वाद के 30 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 49 के अनुसार, जब कोई कार्यवाही, संकल्प या अध्यक्ष का आदेश अधिनियम या नियमों से असंगत हो, तब मुख्य नगर अधिकारी की भूमिका का सही वर्णन कौन-सा है?

A उसे विधिक सलाह देनी, असहमति दर्ज करनी और विषय को 7 दिन के भीतर राज्य सरकार या प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होता है।
B यदि संकल्प निर्वाचित सदस्यों के बहुमत से पारित हो गया हो तो वह अवैधता को अनदेखा कर सकता है।
C असहमति दर्ज करने से पहले उसे कार्यकारी समिति की मंजूरी लेनी होती है।
D वह अनुज्ञप्तियों और अनुमतियों को अभिप्रमाणित कर सकता है, पर अवैध संकल्पों के संबंध में उसका कोई कर्तव्य नहीं है।
व्याख्या

धारा 49 मुख्य नगर अधिकारी को केवल अभिलेखों का संरक्षक नहीं बनाती; अवैध नगरपालिका कार्रवाई पर विधिक सलाह, दर्ज असहमति और 7 दिन में सूचना भी उसका कर्तव्य है। बहुमत, समिति की मंजूरी या केवल अभिप्रमाणन पर आधारित विकल्प इस वैधानिक असहमति को छोड़ देते हैं।

प्र.2राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 301 में संज्ञेय और जमानतीय घोषित अपराधों में कौन सा युग्म पूरी तरह शामिल है?

A धारा 285 और धारा 300
B धारा 245 और धारा 297क
C धारा 304 और धारा 309
D धारा 310 और धारा 327
व्याख्या

धारा 301 में धारा 167, 236, 245, 297क, 297ख और 297ग के अपराध संज्ञेय और जमानतीय घोषित किए गए हैं। धारा 285, 300, 304, 309, 310 और 327 इस सूची का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उनसे बने युग्म गलत हैं।

प्र.3प्रावधानों को उनके नगरपालिका परिणाम से मिलाइए। 1. धारा 290 2. धारा 300 3. धारा 245। क। नगरपालिका संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति को दंड के अतिरिक्त नुकसान की भरपाई करनी होती है। ख। नगरपालिका कर्मियों को रोकने या सताने अथवा अधिकृत कार्य के चिह्न हटाने पर ₹2,000 से कम नहीं और ₹5,000 तक जुर्माना लग सकता है। ग। सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण या अस्थायी बाधा हटाने, खर्च वसूली और दंड का आधार बन सकती है। सही मिलान कौन सा है?

A 1-क, 2-ख, 3-ग
B 1-ख, 2-क, 3-ग
C 1-ख, 2-ग, 3-क
D 1-ग, 2-क, 3-ख
व्याख्या

धारा 290 नगरपालिका कर्मियों को रोकने या सताने और अधिकृत चिह्न हटाने पर ₹2,000 से ₹5,000 तक जुर्माने से संबंधित है। धारा 300 नगरपालिका संपत्ति की क्षति की भरपाई जोड़ती है, और धारा 245 सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण, हटाने और खर्च-वसूली का मुख्य प्रावधान है।

प्र.4राजस्थान नगरपालिकाएँ अधिनियम, 2009 की धारा 297क के अधीन विरूपण के बारे में कौन-सा कथन गलत है?

A सार्वजनिक दृष्टि में संपत्ति को थूककर, मूत्रत्याग कर, पर्चे चिपकाकर या रंग से लिखकर खराब करना इसके अंतर्गत आता है।
B स्वामी या अधिभोगी का नाम और पता अंकित करना अपराध से बाहर रखा गया है।
C पहले अपराध पर 1 वर्ष तक का कारावास या ₹5,000 से ₹10,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
D पहले अपराध में केवल निशान हटाने की कार्रवाई हो सकती है, कारावास कभी नहीं हो सकता।
व्याख्या

धारा 297क सार्वजनिक दृष्टि में संपत्ति के विरूपण को दंडित करती है और पहले अपराध पर 1 वर्ष तक कारावास, निर्धारित जुर्माना या दोनों की अनुमति देती है। धारा 297घ में निशान मिटाने या हटाने की अलग व्यवस्था है, इसलिए केवल हटाने को ही परिणाम बताना गलत है।

प्र.5राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 245 के अधीन सार्वजनिक भूमि पर नगरपालिका नियंत्रण के बारे में कौन सा कथन सही है?

A यह केवल तब लागू होती है जब भूमि नगरपालिका की हो या उसमें निहित हो।
B यह गैर-निजी भूमि या स्थान पर अतिक्रमण और अस्थायी बाधा को कवर करती है तथा खर्च की वसूली के साथ हटाने की अनुमति देती है।
C यह हटाने की अनुमति केवल सक्षम न्यायालय में दीवानी वाद के निर्णय के बाद देती है।
D यह अस्थायी बाधा को वैध मानती है यदि बाधा 7 दिन के भीतर हटा दी जाए।
व्याख्या

धारा 245 निजी संपत्ति न होने वाली भूमि या स्थान पर अतिक्रमण और अस्थायी बाधा को पकड़ती है, चाहे वह नगरपालिका में निहित हो या नहीं। इसी धारा में नगरपालिका या प्राधिकृत अधिकारी को हटाने और हटाने का खर्च वसूलने की शक्ति मिलती है, इसलिए स्वामित्व, दीवानी डिक्री या 7 दिन वाली बातें सही सीमा नहीं बतातीं।

आपने 30 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 298 के अनुसार, जब अधिनियम में वसूली का कोई विशेष प्रावधान न हो, तब जुर्माना, दंड, प्रतिकर या खर्च कैसे वसूला जा सकता है?

Aमजिस्ट्रेट को आवेदन कर, उसके क्षेत्राधिकार में दोषी व्यक्ति की चल या अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री से
Bअध्यक्ष के सीधे आदेश से, किसी न्यायालय में गए बिना
Cनगरपालिका की वसूली कार्रवाई छोड़कर केवल नियमित दीवानी वाद दायर करके
Dमजिस्ट्रेट प्रक्रिया के बिना राशि को अगले वर्ष के नगरपालिका कर निर्धारण में जोड़कर

7जब कोई नगरपालिका कार्यवाही, संकल्प या सभापति का आदेश अधिनियम या नियमों से असंगत हो, तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी की भूमिका के बारे में कौन सा कथन सही है?

Aउसे विधिक सलाह देनी, असहमति दर्ज करनी और 7 दिन के भीतर मामला राज्य सरकार या अधिकृत अधिकारी को भेजना होता है।
Bउसे पहले आदेश लागू करना होता है और नगरपालिका को सिद्ध आर्थिक हानि होने के बाद ही रिपोर्ट भेजी जा सकती है।
Cवह केवल तब असहमति दर्ज कर सकता है जब कार्यकारी समिति पहले बहुमत से उसकी आपत्ति मंजूर करे।
Dसभापति के हस्ताक्षर के बाद उसे नगरपालिका संकल्प पर आपत्ति करने की कोई जिम्मेदारी नहीं रहती।

8राज्य प्राधिकारी नगरपालिका अभिलेख मंगाकर किसी नगरपालिका संकल्प की शुद्धता, वैधता या औचित्य की जांच करता है और फिर उसमें संशोधन करता है। कौन सा प्रावधान लागू हो रहा है?

Aधारा 327, नगरपालिका आदेशों या संकल्पों पर पुनरीक्षण नियंत्रण
Bधारा 310, नगरपालिका संपत्ति और अभिलेखों का निरीक्षण तथा पर्यवेक्षण
Cधारा 312, अवैध या हानिकारक नगरपालिका आदेशों या संकल्पों का निलंबन
Dधारा 49, अवैध नगरपालिका कार्रवाई पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी की असहमति

9धारा 297क के अधीन सार्वजनिक दृश्य में संपत्ति विरूपित करने पर पहले अपराध और प्रत्येक बाद के अपराध की दंड-सीमा कौन-सी सही है?

Aपहला अपराध: केवल 2,000 रुपये से 5,000 रुपये तक जुर्माना; बाद का अपराध: केवल 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक जुर्माना
Bपहला अपराध: 1 वर्ष तक कारावास या 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों; बाद का अपराध: 2 वर्ष तक कारावास या 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों
Cपहला अपराध: 2 वर्ष तक कारावास या 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों; बाद का अपराध: 1 वर्ष तक कारावास या 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों
Dपहले और बाद के दोनों अपराधों में केवल नगरपालिका सफाई खर्च की वसूली होती है, कारावास या जुर्माना नहीं।

10राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 304 के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. नगरपालिका या उसके अधिकारी के आधिकारिक कार्य के विरुद्ध वाद के लिए सामान्यतः 2 महीने की पूर्व लिखित सूचना आवश्यक है। 2. ऐसे वाद को सामान्यतः वादकारण उत्पन्न होने से 6 महीने के भीतर ही प्रारंभ करना होता है। 3. जहां केवल ऐसा निषेधाज्ञा राहत मांगी गई हो जिसका उद्देश्य सूचना देने या वाद टालने से विफल हो जाएगा, वहां सूचना की शर्त लागू नहीं होती। कौन से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 2 और 3
Cकेवल 1 और 3
D1, 2 और 3

11अभिकथन: आरोपी द्वारा धनराशि देने की पेशकश मात्र से नगरपालिका अपराध अपने आप समाप्त नहीं हो जाता। कारण: धारा 299 समझौता, अभियोजन-वापसी और शमन को केवल वैधानिक प्रक्रिया से तथा नियमों के अनुसार शमनीय घोषित अपराधों तक सीमित करती है। कौन सा विकल्प सही है?

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
Bअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Cअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Dअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।

12धारा 301 के अधीन निम्न में से किन धाराओं के अपराध संज्ञेय और जमानतीय घोषित हैं? 1. धारा 167 2. धारा 245 3. धारा 297क 4. धारा 304 ऊपर दिए गए में से कितने सही हैं?

Aकेवल 1
Bकेवल 2
Cकेवल 3
Dचारों

13राज्य नियंत्रण की शक्ति को सही धारा से मिलाइए: 1. निरीक्षण, पर्यवेक्षण और अभिलेख मंगाना 2. अवैध या हानिकारक नगरपालिका आदेशों या संकल्पों का निलंबन 3. नगरपालिका आदेशों या संकल्पों को निरस्त, उलट या परिवर्तित करने की पुनरीक्षण शक्ति सही मिलान चुनिए।

A1-धारा 310, 2-धारा 312, 3-धारा 327
B1-धारा 312, 2-धारा 327, 3-धारा 310
C1-धारा 327, 2-धारा 310, 3-धारा 312
D1-धारा 310, 2-धारा 327, 3-धारा 312

14धारा 290 के अधीन नगरपालिका में नियोजित या नगरपालिका से अनुबंधित व्यक्ति को बाधित या तंग करने, अथवा प्राधिकृत नगरपालिका कार्यों के चिह्न हटाने पर जुर्माने की सीमा क्या है?

Aकेवल 2,000 रुपये तक, कोई वैधानिक न्यूनतम नहीं
B1,000 रुपये से कम नहीं और 2,000 रुपये तक
C2,000 रुपये से कम नहीं और 5,000 रुपये तक
D5,000 रुपये से कम नहीं और 10,000 रुपये तक

15आधिकारिक क्षमता में किए गए या कथित रूप से किए गए कार्य के लिए नगरपालिका या उसके अधिकारी के विरुद्ध वाद के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: धारा 304 सामान्यतः वाद दायर करने से पहले 2 महीने की लिखित सूचना मांगती है। कथन 2: धारा 304 में 6 महीने की परिसीमा है, पर निषेधाज्ञा राहत के लिए सीमित अपवाद रखा गया है। कौन सा विकल्प सही है?

Aकथन 1 सही है, लेकिन कथन 2 गलत है।
Bकथन 1 गलत है, लेकिन कथन 2 सही है।
Cकथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं।
Dन तो कथन 1 सही है और न ही कथन 2 सही है।

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