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तैयारी गाइड

RPSC स्कूल व्याख्याता पेपर 1 में कौन-कौन से विषय हैं?

RPSC स्कूल व्याख्याता पेपर 1 में राजस्थान और भारत का इतिहास, मानसिक योग्यता के साथ माध्यमिक स्तर की सांख्यिकी और गणित तथा हिंदी-अंग्रेज़ी, समसामयिकी, सामान्य विज्ञान के साथ भारतीय राजव्यवस्था और राजस्थान का भूगोल, और शिक्षा से जुड़े विषय हैं। मौजूदा स्थिति: यह गाइड स्कूल व्याख्याता भर्ती 2025 के लिए RPSC के जारी सिलेबस पर आधारित है, जिसकी परीक्षाएँ 31 मई से 16 जून 2026 तक तय थीं। RPSC ने इस सिलेबस में टॉपिक के हिसाब से वेटेज नहीं दिया है, इसलिए यहाँ की प्राथमिकताएँ पढ़ाई का क्रम हैं, संभावित मार्क्स नहीं।

पेपर 1 के आधिकारिक सिलेबस में कौन-से विषय हैं?

व्याख्या से पहले आधिकारिक विषयों का हिंदी रूप उसी क्रम में देखें:

क्रमपेपर 1 का आधिकारिक विषय
1भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर खास ज़ोर के साथ राजस्थान का इतिहास और भारत का इतिहास
2मानसिक योग्यता परीक्षा, सांख्यिकी और गणित का माध्यमिक स्तर, भाषा योग्यता परीक्षा: हिंदी और अंग्रेज़ी
3समसामयिकी
4सामान्य विज्ञान, भारतीय राजव्यवस्था और राजस्थान का भूगोल
5शैक्षिक मनोविज्ञान, शैक्षिक प्रबंधन, राजस्थान का शैक्षिक परिदृश्य और बच्चों का मुफ़्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009

ये सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन के साझा पेपर 1 सिलेबस के 5 आधिकारिक विषय हैं। इनका समूह समझना ज़रूरी है: तर्क, सांख्यिकी, गणित और दोनों भाषाएँ एक विषय-समूह हैं, जबकि विज्ञान, राजव्यवस्था और राजस्थान का भूगोल दूसरा समूह है। हर अल्पविराम से अलग हुए टॉपिक को अलग पेपर न मानें और हर टॉपिक के मार्क्स बराबर होने का अनुमान न लगाएँ।

इतिहास वाले विषय में क्या पढ़ना चाहिए?

भारत के इतिहास वाले हिस्से में 1857 का स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रवाद का विकास, जन-राष्ट्रवाद, क्रांतिकारी गतिविधियाँ, स्वतंत्रता और विभाजन, तथा सामाजिक-धार्मिक पुनर्जागरण शामिल हैं। इसमें प्रमुख नेताओं का नाम लेकर गांधी, नेहरू, पटेल, आज़ाद और आंबेडकर पर खास ध्यान दिया गया है। राजस्थान वाला हिस्सा कालीबंगा, आहड़, गणेश्वर और बैराठ से शुरू होकर 8वीं से 18वीं सदी के प्रमुख राजवंशों तथा दिल्ली सल्तनत और मुगलों से उनके संबंधों तक जाता है। राजस्थान का स्वतंत्रता संग्राम, राजनीतिक जागरण, प्रजामंडल, किसान और जनजातीय आंदोलन, राज्य का एकीकरण, समाज और धर्म भी अलग से शामिल हैं। संस्कृति की तैयारी में लोक देवता और संत, मंदिर, किले, महल, चित्रकला शैलियाँ, मेले, त्योहार, रीति-रिवाज, पहनावा, आभूषण, लोक संगीत, नृत्य, भाषा और साहित्य रखें। इसे जाँच-सूची मानें; यह क्रम आधिकारिक वेटेज नहीं है।

तर्क, गणित और भाषा में कौन-से टॉपिक शामिल हैं?

मानसिक योग्यता में सादृश्य, श्रेणी पूरी करना, कूटलेखन-कूटवाचन, रक्त संबंध और तार्किक वेन आरेख शामिल हैं। माध्यमिक स्तर की सांख्यिकी में आँकड़ों का संग्रह, प्रस्तुतीकरण और आलेख, तथा वर्गीकृत और अवर्गीकृत आँकड़ों का माध्य, बहुलक और माध्यिका आते हैं। गणित में संख्या पद्धति और दशमलव प्रसार, संक्रियाएँ और घातांक के नियम, बहुपद के शून्यक और गुणांक, बहुपद का भाग, तथा 2 चरों वाले रैखिक समीकरणों के युग्म हैं। क्षेत्रमिति में मानक ठोस आकृतियों और उनके मेल या रूपांतरण का पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन शामिल है। भाषा परीक्षा में हिंदी और अंग्रेज़ी का काम अलग है। हिंदी में संधि और संधि-विच्छेद, उपसर्ग-प्रत्यय, अनेकार्थक शब्द, विलोम शब्द, समश्रुत भिन्नार्थक शब्द, शब्द और वाक्य शुद्धि, तथा अंग्रेज़ी के प्रशासनिक शब्दों के हिंदी समानार्थक शब्द हैं। अंग्रेज़ी में काल और काल-क्रम, कर्तृवाच्य-कर्मवाच्य, प्रत्यक्ष-परोक्ष कथन, उपपद और निर्धारक, संबंधसूचक शब्द, कर्ता-क्रिया मेल, विशेषण की अवस्थाओं और संयोजकों सहित वाक्य सुधार, हिंदी रूपों सहित कार्यालयी और तकनीकी शब्दावली, विलोम और समानार्थी शब्द, शब्द-निर्माण तथा अक्सर भ्रमित करने वाले शब्द हैं। याददाश्त, गणना और भाषा की शुद्धता साथ चाहिए, इसलिए रोज़ छोटे अभ्यास करें।

समसामयिकी, विज्ञान, राजव्यवस्था और भूगोल में क्या आता है?

समसामयिकी में राजस्थान और भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी आते हैं। इसके आधिकारिक दायरे में विकास कार्यक्रम, प्रमुख योजनाएँ, नई पहल, कौशल और स्टार्टअप, सामाजिक-आर्थिक संकेतक, अहम घटनाएँ, व्यक्ति और स्थान, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण, पुरस्कार, किताबें, लेखक और खेल शामिल हैं। सामान्य विज्ञान में भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान की बुनियाद, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, टिकाऊ विकास, रोज़मर्रा का विज्ञान, विज्ञान-तकनीक के हाल के विकास और भारत की पारंपरिक वैज्ञानिक ज्ञान-व्यवस्था आती है। भारतीय राजव्यवस्था भारत शासन अधिनियम 1935 और संविधान निर्माण से शुरू होकर प्रमुख केंद्रीय संस्थाओं, स्थानीय निकायों और नामित राष्ट्रीय आयोगों व अधिकरणों तक जाती है। राजस्थान के भूगोल में स्थिति और भौतिक स्वरूप, अपवाह, मिट्टी, वनस्पति, वन्यजीव, जलवायु, जनसंख्या, कृषि, पशुधन, खनिज, ऊर्जा, पर्यटन, परिवहन, उद्योग और व्यापार आते हैं। समसामयिकी को इन्हीं विषयों से जोड़ें; सिलेबस महीनों की कोई तय संख्या नहीं देता।

शिक्षा वाले विषय में क्या शामिल है?

शैक्षिक मनोविज्ञान में इसकी प्रकृति, दायरा और कक्षा में उपयोग; किशोरों का शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक, नैतिक, भावनात्मक और भाषाई विकास; सीखने के प्रमुख दृष्टिकोण; मानसिक स्वास्थ्य; भावनात्मक बुद्धिमत्ता; और सामाजिक व भावनात्मक सीख शामिल हैं। शैक्षिक प्रबंधन में अवधारणा, काम और सिद्धांत, संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, पर्यवेक्षण, निरीक्षण, सामाजिक संगठन और नेतृत्व आते हैं। राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य में SCERT, BSER, IASE, DIET, राजस्थान राज्य मुक्त विद्यालय, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल और शिक्षा में गुणवत्ता के लिए राज्य पहल के संगठन और काम पूछे गए हैं, जिनमें NEP 2020 का असर भी शामिल है। अंतिम हिस्सा स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और बच्चों का मुफ़्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का नाम देता है। हर अवधारणा को स्कूल में उसके उपयोग से जोड़कर पढ़ें और राजस्थान की संस्थाओं तथा बताई गई नीति और कानून को अलग-अलग दोहराएँ।

पेपर 1 की प्राथमिकता कैसे तय करें और उसे पेपर 2 से अलग कैसे रखें?

पहले पेपर 1 के सभी 5 विषयों की पूरी जाँच-सूची बनाएँ, फिर बिना प्रमाण वाले वेटेज के बजाय काम के प्रकार के हिसाब से सप्ताह बाँटें। इतिहास, राजव्यवस्था, भूगोल, विज्ञान और शिक्षा के लिए अवधारणा वाले नोट्स बनाएँ; मानसिक योग्यता, गणित और भाषा का रोज़ छोटा अभ्यास रखें; और समसामयिकी को आधिकारिक विषयों से जोड़कर दोहराएँ। जिस जाँच-सूची में आपकी पकड़ कम हो, उसे अधिक समय दें, लेकिन इसे अपनी प्राथमिकता ही कहें, RPSC के मार्क्स का अनुमान नहीं। यहाँ पेपर 1 से मतलब मुख्य विषय-पदों के लिए साझा सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन सिलेबस है। पेपर 2 संबंधित विषय का पेपर है और RPSC हर विषय के लिए अलग पेपर 2 सिलेबस जारी करता है। एक ज़रूरी सावधानी यह है कि 2025 की सूची में शारीरिक शिक्षा और कोच के लिए अलग पेपर 1 सिलेबस भी हैं, इसलिए उन पदों के अभ्यर्थी इसी साझा रूपरेखा के बजाय अपनी श्रेणी वाला पेपर 1 सिलेबस पढ़ें।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. rpsc.rajasthan.gov.in
  2. rpsc.rajasthan.gov.in
  3. rpsc.rajasthan.gov.in
  4. rpsc.rajasthan.gov.in
  5. rpsc.rajasthan.gov.in
  6. rpsc.rajasthan.gov.in
  7. rpsc.rajasthan.gov.in
  8. rpsc.rajasthan.gov.in
  9. rpsc.rajasthan.gov.in
  10. rpsc.rajasthan.gov.in
  11. rpsc.rajasthan.gov.in
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  13. rpsc.rajasthan.gov.in
  14. rpsc.rajasthan.gov.in
  15. rpsc.rajasthan.gov.in
  16. rpsc.rajasthan.gov.in
  17. rpsc.rajasthan.gov.in
  18. rpsc.rajasthan.gov.in
  19. rpsc.rajasthan.gov.in
  20. rpsc.rajasthan.gov.in
  21. rpsc.rajasthan.gov.in
  22. rpsc.rajasthan.gov.in
  23. rpsc.rajasthan.gov.in
  24. rpsc.rajasthan.gov.in
  25. rpsc.rajasthan.gov.in
  26. rpsc.rajasthan.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या RPSC स्कूल व्याख्याता पेपर 1 सामान्य ज्ञान का पेपर है?

हाँ। RPSC साझा पेपर 1 को सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन कहता है, जिसमें इतिहास, समसामयिकी, विज्ञान, राजव्यवस्था, भूगोल, तर्क, गणित, भाषाएँ और शिक्षा से जुड़े टॉपिक मिलकर आते हैं।

क्या पेपर 1 और विषय वाला पेपर 2 एक ही हैं?

नहीं। साझा पेपर 1 में सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन आते हैं, जबकि पेपर 2 का सिलेबस संबंधित विषय के लिए अलग होता है; RPSC पेपर 2 की फाइलें विषय के हिसाब से सूचीबद्ध करता है।

क्या आधिकारिक सिलेबस टॉपिक के हिसाब से वेटेज देता है?

इस पेपर 1 सिलेबस में टॉपिक के हिसाब से वेटेज नहीं दिया गया है। पूरे दायरे के लिए आधिकारिक टॉपिक सूची पढ़ें और जिन हिस्सों में आपकी पकड़ कम है, उन्हें अधिक समय दें; मार्क्स का मनगढ़ंत बँटवारा न बनाएँ।

पेपर 1 में कितने प्रश्न, मार्क्स और मिनट होते हैं?

आधिकारिक सिलेबस में 75 बहुविकल्पीय प्रश्न, अधिकतम 150 मार्क्स और 1 घंटा 30 मिनट दिए गए हैं। हर गलत उत्तर पर उस प्रश्न के तय मार्क्स का 1/3 काटने का नियम भी दिया गया है।

RPSC समसामयिकी के लिए कितने महीने तय करता है?

पेपर 1 का सिलेबस महीनों की कोई तय संख्या नहीं बताता। यह राजस्थान, भारत और अंतरराष्ट्रीय समसामयिकी के विषय तय करता है, इसलिए हाल की घटनाओं को उन्हीं विषयों के हिसाब से पढ़ें और किसी महीने की संख्या को आधिकारिक नियम न बताएँ।

किन अभ्यर्थियों को अलग पेपर 1 सिलेबस देखना चाहिए?

RPSC की 2025 सिलेबस सूची में शारीरिक शिक्षा और कोच के लिए पेपर 1 अलग से दर्ज है। इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को साझा सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन रूपरेखा के बजाय अपनी श्रेणी की आधिकारिक फाइल खोलनी चाहिए।