Aspirant Academy

तैयारी गाइड

RPSC स्कूल व्याख्याता के मार्क्स कैसे निकाले जाते हैं?

इस गाइड में शामिल RPSC स्कूल व्याख्याता (स्कूल शिक्षा) योजना में हर गलत उत्तर पर उस सवाल के तय मार्क्स का एक-तिहाई कटता है। जुलाई 2026 तक, पेपर 1 में 75 सवालों के कुल 150 मार्क्स और पेपर 2 में 150 सवालों के कुल 300 मार्क्स हैं। इससे हर सवाल का औसत 2 मार्क्स आता है, लेकिन सभी सवालों के मार्क्स बराबर होना तय नहीं होता। इसलिए कटौती हर गलत सवाल के तय मार्क्स के आधार पर निकालें।

यह गणना RPSC की किस भर्ती पर लागू होती है?

यह गाइड RPSC स्कूल व्याख्याता (स्कूल शिक्षा) की उस योजना के लिए है जिसमें पेपर 1 के 150 और पेपर 2 के 300 मार्क्स हैं। यह अलग से जारी व्याख्याता (शारीरिक शिक्षा), कोच या वरिष्ठ अध्यापक की योजनाओं के लिए नहीं है। जुलाई 2026 तक, RPSC के भर्ती पेज पर स्कूल व्याख्याता (स्कूल शिक्षा) 2025 और उसी भर्ती के बाद के शुद्धि-पत्र दर्ज हैं। यहां अंक गणना इसी स्कूल व्याख्याता योजना पर आधारित है: सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन का 150 मार्क्स का पेपर और विषय का 300 मार्क्स का पेपर। हर भर्ती चक्र में आवेदन या परीक्षा के निर्देश बदल सकते हैं, इसलिए कोई नियम लगाने से पहले अपने एडमिट कार्ड पर परीक्षा का नाम और वर्ष मिलाएं। पूरी परीक्षा की जानकारी के लिए [स्कूल व्याख्याता](/school-lecturer) देखें। पेपर 1 के टॉपिक समझने के लिए [पेपर 1 विषय और सिलेबस गाइड](/guides/school-lecturer-paper-1-subjects-syllabus-2026) देखें।

इस गाइड में शामिल हर पेपर में कितने सवाल और मार्क्स हैं?

जुलाई 2026 तक, इस गाइड में शामिल स्कूल व्याख्याता योजना में पेपरों का ढांचा इस प्रकार है। कुल मार्क्स को कुल सवालों से भाग देने पर दोनों पेपरों में हर सवाल का औसत 2 मार्क्स आता है, लेकिन जारी आंकड़ों से यह तय नहीं होता कि हर सवाल के मार्क्स बराबर हैं। पेपर 1 में सामान्य जागरूकता और सामान्य अध्ययन आते हैं, जबकि पेपर 2 में संबंधित विषय और पढ़ाने से जुड़े हिस्से आते हैं।

पेपरसवालअधिकतम मार्क्ससमय
पेपर 1751501 घंटा 30 मिनट
पेपर 21503003 घंटे
दोनों पेपर का लिखित योग2254504 घंटे 30 मिनट

योग वाली पंक्ति दोनों आधिकारिक पेपरों की सीधी गणना है; यह कोई तीसरा पेपर नहीं है। आंसर-की मिलाते समय पहले दोनों पेपरों के नेट मार्क्स अलग निकालें, फिर लिखित परीक्षा का कुल स्कोर पाने के लिए उन्हें जोड़ें।

नेगेटिव मार्किंग का सही नियम क्या है?

RPSC के आधिकारिक नियम का सीधा अर्थ है: “हर गलत उत्तर पर उस सवाल के तय मार्क्स का एक-तिहाई काटा जाएगा।” साथ में यह भी साफ किया गया है कि गलत उत्तर का मतलब गलत विकल्प या एक से अधिक विकल्प भरना है। हर पेपर के लिए यह फॉर्मूला लगाएं: नेट स्कोर = सही उत्तरों के तय कुल मार्क्स − गलत उत्तरों के तय कुल मार्क्स का एक-तिहाई। हर सवाल के औसत मार्क्स से एक तय कटौती न मानें। संबंधित सवालों के तय मार्क्स से गणना करें और जरूरत हो तो केवल आखिरी स्कोर को राउंड करें। जारी योजना में OMR की हर स्थिति तय नहीं की गई है। जिस सवाल को हल नहीं करना है, उसके लिए प्रश्न-पत्र और आंसर शीट पर छपे निर्देश मानें और खाली छोड़े गए गोले को अपने-आप सुरक्षित न मानें।

पेपर 1 का स्कोर कैसे निकालें?

पहले पेपर 1 के सभी सही उत्तरों के तय मार्क्स जोड़ें, फिर सभी गलत उत्तरों के तय मार्क्स जोड़ें। मान लें कि ये दोनों योग 120 और 30 हैं। गलत उत्तरों की कटौती 30 × 1/3 = 10 होगी, इसलिए पेपर 1 का नेट स्कोर 120 − 10 = 150 में से 110 होगा। इस उदाहरण में हर सवाल के मार्क्स बराबर मानने के बजाय तय मार्क्स से गणना की गई है। प्रोविजनल आंसर-की से स्कोर निकालते समय विवादित सवालों की अलग सूची रखें; उन्हें चुपचाप सही न मानें। RPSC की संशोधित या फाइनल आंसर-की आने पर दोबारा गणना करें। ऐसी गणना से पहले टॉपिक के हिसाब से अभ्यास के लिए [MCQ अभ्यास](/mcq) देखें।

पेपर 2 और दोनों पेपरों का कुल स्कोर कैसे निकालें?

पेपर 2 में पहले सभी सही उत्तरों के तय मार्क्स जोड़ें और सभी गलत उत्तरों के तय मार्क्स अलग जोड़ें। मान लें कि ये दोनों योग 220 और 80 हैं। कटौती 80 × 1/3 = 80/3 यानी 26.666… होगी। पेपर 2 का नेट स्कोर 220 − 80/3 = 580/3 यानी लगभग 300 में से 193.33 होगा। अगर पेपर 1 का नेट स्कोर 110 है, तो दोनों पेपरों का लिखित स्कोर 110 + 580/3 = 910/3 यानी लगभग 450 में से 303.33 होगा। भिन्न को आखिरी चरण तक रखें; एक-तिहाई कटौती को पहले राउंड करने से दिखने वाला कुल स्कोर बदल सकता है। यह केवल अंक गणना का उदाहरण है, कट-ऑफ का अनुमान नहीं। चयन की सीमा संबंधित RPSC रिजल्ट और श्रेणी पर निर्भर करती है, इसलिए केवल निकाला गया कुल स्कोर चयन तय नहीं करता।

यहां वरिष्ठ अध्यापक के नियम क्यों नहीं लगाने चाहिए?

वरिष्ठ अध्यापक RPSC की अलग भर्ती है और उसके पेपरों का कुल योग अलग है। उसकी आधिकारिक योजना 500 मार्क्स की है: पेपर 1 के 200 मार्क्स और पेपर 2 के 300 मार्क्स हैं। इसके उलट, इस गाइड में शामिल स्कूल व्याख्याता योजना के 450 मार्क्स हैं: 150 और 300। दोनों योजनाओं में गलत उत्तर पर एक-तिहाई कटौती है, लेकिन कटौती का नियम समान होने से पेपरों का ढांचा समान नहीं हो जाता। इसलिए वरिष्ठ अध्यापक का कैलकुलेटर इस स्कूल व्याख्याता योजना के लिए गलत कुल मार्क्स या हर सवाल के मार्क्स का ऐसा अनुमान दे सकता है जिसकी पुष्टि नहीं हुई है। गणना से पहले तीन बातें साथ मिलाएं: पद का नाम, शिक्षा विभाग और भर्ती वर्ष। जारी की गई दोनों योजनाओं में पेपरों के कुल मार्क्स अलग हैं। इस परीक्षा के लिए केवल इसी गाइड में शामिल स्कूल व्याख्याता योजना के सवाल और अधिकतम मार्क्स इस्तेमाल करें।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. rpsc.rajasthan.gov.in
  2. rpsc.rajasthan.gov.in
  3. rpsc.rajasthan.gov.in
  4. rpsc.rajasthan.gov.in
  5. rpsc.rajasthan.gov.in
  6. rpsc.rajasthan.gov.in
  7. rpsc.rajasthan.gov.in
  8. rpsc.rajasthan.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कूल व्याख्याता में एक गलत उत्तर पर कितने मार्क्स कटते हैं?

RPSC गलत उत्तर पर उस सवाल के तय मार्क्स का एक-तिहाई काटता है। पेपर के कुल मार्क्स और सवालों की संख्या से हर सवाल का औसत 2 मार्क्स आता है, लेकिन इससे हर गलत उत्तर पर 2/3 मार्क की तय कटौती साबित नहीं होती।

क्या पेपर 1 और पेपर 2 दोनों में नेगेटिव मार्किंग है?

हां। इस गाइड में शामिल स्कूल व्याख्याता योजना में दोनों बहुविकल्पीय पेपरों पर नेगेटिव मार्किंग लागू है और हर गलत उत्तर पर उस सवाल के मार्क्स का एक-तिहाई कटता है।

इस गाइड में शामिल योजना का अधिकतम लिखित स्कोर कितना है?

इस गाइड में शामिल योजना का अधिकतम लिखित स्कोर 450 मार्क्स है: पेपर 1 के 150 और पेपर 2 के 300। दोनों पेपरों में गलत उत्तरों की कटौती लगाने के बाद ही उनके नेट स्कोर जोड़ें।

क्या एक से ज़्यादा विकल्प भरना गलत उत्तर माना जाता है?

हां। RPSC की स्कूल व्याख्याता योजना में गलत उत्तर का मतलब गलत विकल्प या एक से अधिक विकल्प भरना है। ऐसे उत्तर पर तय एक-तिहाई कटौती लगेगी।

क्या स्कूल व्याख्याता के लिए वरिष्ठ अध्यापक का स्कोर फॉर्मूला लगा सकते हैं?

नहीं। वरिष्ठ अध्यापक के पेपरों का ढांचा 500 मार्क्स का है, जबकि इस गाइड में शामिल स्कूल व्याख्याता योजना का ढांचा 450 मार्क्स का है। दोनों योजनाओं में एक-तिहाई कटौती होने के बावजूद यहां दिए स्कूल व्याख्याता के सवालों और मार्क्स वाला फॉर्मूला ही लगाएं।