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तैयारी गाइड

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा सिलेबस 2026 पेपरवार

जुलाई 2026 तक, एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा में 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर हैं: 4 जीएस पेपर, जिनमें से हर एक के 2 भाग हैं, सामान्य हिंदी एवं व्याकरण, और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन। इन सभी 6 पेपरों के लिखित अंक मिलाकर 1500 होते हैं; परीक्षा योजना में 185 मार्क्स का इंटरव्यू जोड़कर अंतिम कुल 1685 मार्क्स होता है।

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा की मौजूदा योजना क्या है?

जुलाई 2026 तक, 21 जनवरी 2026 का आधिकारिक संशोधन केवल प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अभिरुचि परीक्षण यानी पेपर 2 के सिलेबस में कुछ बदलाव करता है और बाकी सिलेबस व परीक्षा योजना को पहले जैसा रखता है। मुख्य परीक्षा की योजना यह है:

पेपरआधिकारिक विषयमार्क्स
जीएस 1इतिहास; भूगोल300
जीएस 2राजनीति विज्ञान; समाजशास्त्र300
जीएस 3अर्थशास्त्र; विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य300
जीएस 4दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी; उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी300
5सामान्य हिंदी एवं व्याकरण200
6हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन100

इन अनिवार्य पेपरों का लिखित कुल 1500 मार्क्स है। इंटरव्यू 185 मार्क्स का है, इसलिए अंतिम कुल 1685 मार्क्स होता है। पेपर 5 और 6 सिर्फ़ क्वालिफाइंग नहीं, बल्कि मेरिट में जुड़ने वाले पेपर हैं। समय और माध्यम के नियम [पेपर-गिनती और पैटर्न गाइड](/guides/mppsc-mains-exam-pattern-paper-count-2026) में देखें।

जीएस पेपर 1 में यूनिटवार क्या पढ़ना है?

जुलाई 2026 तक, दोनों भागों के आधिकारिक नाम “खंड-अ इतिहास” और “खंड-ब भूगोल” हैं। दोनों की यूनिट अलग रखें:

यूनिटखंड-अ: इतिहासखंड-ब: भूगोल
1हड़प्पा सभ्यता से 18वीं सदी तक भारतीय इतिहासभारत की भौतिक विशेषताएं और जलवायु
2प्रागैतिहासिक और आद्य-ऐतिहासिक मध्य प्रदेश तथा प्रमुख राजवंशभारतीय कृषि और जल संसाधन
3औपनिवेशिक असर, विरोध, नवजागरण और स्वतंत्रता आंदोलनप्राकृतिक संसाधन और उद्योग
4गणराज्य, राज्यों का पुनर्गठन, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटनआपदा, प्रदूषण, जनसंख्या और भौगोलिक तकनीक
5मध्य प्रदेश की प्रमुख रियासतें और जनजातीय नायकमध्य प्रदेश का भूगोल

इस बंटवारे से मध्य प्रदेश के राजवंश भूगोल में या आपदाएं इतिहास में नहीं जाएंगी। छपे हुए यूनिट नंबर के नीचे नोट्स बनाएं, फिर उसी यूनिट से एक छोटा और एक लंबा उत्तर लिखें। पूरी तैयारी [एमपीपीएससी हब](/mppsc) से शुरू करें।

जीएस पेपर 2 में राजनीति और समाजशास्त्र कैसे बंटे हैं?

जुलाई 2026 तक, आधिकारिक भाग “संविधान, शासन, राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना” और “समाजशास्त्र” हैं। यूनिट का बंटवारा यह है:

यूनिटखंड-अखंड-ब
1संविधान, अधिकार, संघवाद और अदालतेंसमाजशास्त्र की बुनियादी अवधारणाएं और संस्थाएं
2संवैधानिक संस्थाएं, राजनीति और राष्ट्रीय एकताभारतीय समाज की विविधता और चुनौतियां
3लोकतंत्र, नागरिक भागीदारी, संगठन, मीडिया और राजनीतिक विचारकग्रामीण और शहरी समाजशास्त्र
4मध्य प्रदेश का गठन, कार्यपालिका, विधानसभा, उच्च न्यायालय और जवाबदेही संस्थाएंऔद्योगीकरण, वैश्वीकरण, सामाजिक विकास और जनसंख्या
5मध्य प्रदेश प्रशासन, स्थानीय सरकार, राजनीति और मौजूदा मुद्देमानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण योजनाएं

कल्याण योजनाओं को बिना जरूरत दोनों भागों में न दोहराएं: शासन में संस्था या योजना लागू करने का तरीका लिखें, जबकि समाजशास्त्र में प्रभावित समूह और सामाजिक नतीजा लिखें। हर उत्तर को यूनिट की मांग के हिसाब से लिखें; राजनीति का एक ही सामान्य ढांचा हर जगह न अपनाएं।

जीएस पेपर 3 में कौन-सी यूनिट आती हैं?

जुलाई 2026 तक, आधिकारिक भाग “अर्थशास्त्र” और “विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य” हैं। यूनिट का बंटवारा यह है:

यूनिटखंड-अ: अर्थशास्त्रखंड-ब: विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य
1भारतीय अर्थव्यवस्था, क्षेत्र, कृषि, उद्योग और पर्यटनसामान्य विज्ञान और जैव तकनीक
2कर, राजकोषीय और मौद्रिक नीति, समावेशन, व्यापार और संस्थाएंकंप्यूटर, डिजिटल तकनीक और बुनियादी गणित
3मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्थाआयुष, स्वास्थ्य प्रबंधन और पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान
4मध्य प्रदेश का सामाजिक और आर्थिक विकासराष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा
5सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण और प्रायिकतापर्यावरण, संरक्षण, कचरा और जल सुरक्षा

सांख्यिकी अर्थशास्त्र के खंड-अ में और पर्यावरण खंड-ब में रहेगा। यह बंटवारा डेटा विश्लेषण को विज्ञान में दोहराने या जल सुरक्षा को भूगोल पेपर में खिसकाने की गलती रोकता है। तैयारी में राज्य की अर्थव्यवस्था के हर मुद्दे के साथ मध्य प्रदेश का एक जांचा हुआ उदाहरण जोड़ें और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सामान्य विज्ञान की परिभाषाओं से अलग रखें।

जीएस पेपर 4 में यूनिटवार बंटवारा क्या है?

जुलाई 2026 तक, खंड-अ का आधिकारिक नाम “दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी” और खंड-ब का नाम “उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी” है। यूनिट इस तरह रखें:

यूनिटखंड-अखंड-ब
1भारतीय दर्शन, विचारक और समाज सुधारकउद्यमिता और उसका विकास
2राष्ट्र निर्माण और नैतिक अवधारणाएंव्यावसायिक संगठन और प्रबंधन
3मानव व्यवहार और मनोचिकित्साप्रशासन और प्रबंधन
4लोक प्रशासन में नैतिक मूल्यसमग्र व्यक्तित्व विकास
5खंड-अ पर आधारित केस स्टडीखंड-ब पर आधारित केस स्टडी

केस स्टडी की यूनिट अपने-अपने भाग से जुड़ी है। खंड-अ की केस स्टडी में नैतिकता, मनोविज्ञान या लोक प्रशासन का तर्क लगेगा; खंड-ब में प्रबंधन, उद्यमिता या व्यक्तित्व विकास का तर्क लगेगा। हर केस को केवल नैतिकता का केस मानने के बजाय दोनों तरह का अभ्यास करें। हर यूनिट को समयबद्ध रूपरेखा और पूरे उत्तर में बदलने के लिए [हिंदी उत्तर-लेखन गाइड](/guides/mppsc-mains-answer-writing-hindi-guide) इस्तेमाल करें।

हिंदी के पेपर 5 और 6 में क्या पूछा जाता है?

जुलाई 2026 तक, पेपर 5 का आधिकारिक नाम “सामान्य हिंदी एवं व्याकरण” है। इसमें सिलेबस से लघुत्तरीय प्रश्न; रस और छंद; हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद; प्रशासनिक मानक शब्दों के अर्थ; संधि, समास, मुहावरे और कहावतें; प्रारंभिक व्याकरण और शब्दावली; भाव पल्लवन; मध्य प्रदेश की प्रमुख बोलियां; और अपठित गद्यांश आते हैं। पेपर 6 का आधिकारिक नाम “हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन” है। इसमें दी गई विषय-सूची से लंबा निबंध, समसामयिक समस्याओं और निदान पर छोटा निबंध, शासकीय और अर्द्धशासकीय प्रारूप लेखन, तथा रिपोर्ट, अधिसूचना, ज्ञापन और टिप्पणी लेखन आता है। दोनों पेपर हिंदी में लिखे जाते हैं और इनके मार्क्स 1500 मार्क्स के लिखित कुल में शामिल होने से मेरिट में जुड़ते हैं। पेपर 5 के लिए रोज भाषा का अभ्यास करें; पेपर 6 के लिए भूमिका, मुद्दा–कारण–समाधान ढांचा और समयबद्ध प्रारूप लेखन करें। अगला अभ्यास [हिंदी उत्तर-लेखन गाइड](/guides/mppsc-mains-answer-writing-hindi-guide) से लें।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. mppsc.mp.gov.in
  2. mppsc.mp.gov.in
  3. mppsc.mp.gov.in
  4. mppsc.mp.gov.in
  5. mppsc.mp.gov.in
  6. mppsc.mp.gov.in
  7. mppsc.mp.gov.in
  8. mppsc.mp.gov.in
  9. mppsc.mp.gov.in
  10. mppsc.mp.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2026 में कितने पेपर हैं?

जुलाई 2026 तक, आधिकारिक योजना में 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर हैं: 4 जीएस पेपर, सामान्य हिंदी एवं व्याकरण, और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन।

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा के जीएस पेपर कैसे बंटे हैं?

जुलाई 2026 तक, चारों जीएस पेपर में 2-2 भाग हैं। जोड़े इतिहास–भूगोल, राजनीति–समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र–विज्ञान और जन स्वास्थ्य, तथा दर्शन, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन–उद्यमिता, प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास हैं।

क्या हिंदी के पेपर सिर्फ़ क्वालिफाइंग हैं?

नहीं। जुलाई 2026 तक, आधिकारिक योजना पेपर 5 और पेपर 6 को 1500 मार्क्स के लिखित कुल में शामिल करती है, इसलिए ये सिर्फ़ पास होने की शर्त नहीं हैं; इनके मार्क्स मेरिट में जुड़ते हैं।

एमपीपीएससी सामान्य हिंदी एवं व्याकरण में क्या आता है?

जुलाई 2026 तक, पेपर 5 में लघुत्तरीय उत्तर, रस, छंद, अनुवाद, प्रशासनिक शब्द, व्याकरण, शब्दावली, भाव पल्लवन, मध्य प्रदेश की बोलियां और अपठित गद्यांश आते हैं।

हिंदी निबंध और प्रारूप लेखन में क्या फर्क है?

जुलाई 2026 तक, पेपर 6 लंबे और छोटे निबंध को आधिकारिक प्रारूप और रिपोर्ट जैसे लेखन से अलग रखता है। निबंध अभ्यास में तर्क और ढांचा चाहिए; प्रारूप लेखन में सही प्रारूप और संक्षिप्त भाषा के साथ आधिकारिक मकसद की पूरी जानकारी देनी होती है।