Aspirant Academy

तैयारी गाइड

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2026 में कितने पेपर हैं?

जुलाई 2026 तक, एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा में 1,500 मार्क्स के 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर हैं। सामान्य अध्ययन के पेपर 1 से 4 में हर पेपर के 300 मार्क्स, सामान्य हिंदी एवं व्याकरण में 200 मार्क्स और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन में 100 मार्क्स हैं; इंटरव्यू के 185 मार्क्स अलग से जुड़ते हैं।

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा में कितने पेपर हैं और हर पेपर में क्या है?

जुलाई 2026 तक, एमपीपीएससी की आधिकारिक परीक्षा योजना में मुख्य परीक्षा के 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर हैं। हर पेपर और उसके भाग का पूरा ढांचा यह है:

पेपरभाग अभाग बमार्क्ससमय
सामान्य अध्ययन 1इतिहास — 150भूगोल — 1503003 घंटे
सामान्य अध्ययन 2राजनीति विज्ञान — 150समाजशास्त्र — 1503003 घंटे
सामान्य अध्ययन 3अर्थशास्त्र — 150विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य — 1503003 घंटे
सामान्य अध्ययन 4दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी — 150उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी — 1503003 घंटे
सामान्य हिंदी एवं व्याकरण2002 घंटे
हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन1002 घंटे 30 मिनट

सामान्य अध्ययन के हर पेपर के 2 भाग एक ही पेपर और एक ही समय में पूरे किए जाते हैं। सभी 6 पेपर मिलाकर 1,500 मार्क्स के हैं।

एमपीपीएससी में कौन-से चरण केवल पात्रता के लिए हैं और किनके मार्क्स मेरिट में जुड़ते हैं?

जुलाई 2026 तक, प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा में प्रवेश के लिए केवल पात्रता तय करती है; उसके मार्क्स अंतिम चयन सूची में नहीं जुड़ते। मुख्य परीक्षा के सभी 6 पेपर अनिवार्य हैं और उनके मार्क्स मुख्य परीक्षा के कुल 1,500 मार्क्स में जुड़ते हैं, इसलिए हिंदी का कोई भी पेपर केवल पात्रता के लिए नहीं है। हर मुख्य परीक्षा पेपर में आधिकारिक न्यूनतम ज़रूरी प्रतिशत भी पाना होता है: अनारक्षित वर्ग और उसकी महिला अभ्यर्थियों के लिए 40%, जबकि SC, ST, OBC, EWS और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 30%। इंटरव्यू 185 मार्क्स का है। इस तरह अंतिम मेरिट मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के मार्क्स से बनती है, जिनका अधिकतम कुल 1,685 मार्क्स है।

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा में भाषा और उत्तर के माध्यम के क्या नियम हैं?

जुलाई 2026 तक, सामान्य अध्ययन के पेपर 1, 2, 3 और 4 के दोनों भागों के उत्तर केवल हिंदी या अंग्रेजी में लिखे जा सकते हैं। इनमें से हर पेपर में भाग अ और भाग ब है तथा दोनों भागों पर यही आधिकारिक माध्यम नियम लागू होता है। सामान्य हिंदी एवं व्याकरण केवल हिंदी माध्यम में होता है और इसके 200 मार्क्स हैं। हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन भी केवल हिंदी माध्यम में होता है और इसके 100 मार्क्स हैं। इसका मतलब है कि सामान्य अध्ययन के 4 पेपर में मिलने वाला माध्यम का विकल्प पेपर 5 और 6 पर लागू नहीं होता। हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी उत्तर-लेखन का अभ्यास शुरू करने से पहले पूरा [एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा सिलेबस](/mppsc/mains-syllabus) पेपरवार देख सकते हैं।

एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में क्या अंतर है?

जुलाई 2026 तक, राज्य सेवा चयन प्रक्रिया में 3 क्रमिक चरण हैं:

चरणस्वरूपमार्क्स की भूमिका
प्रारंभिक परीक्षा2 वस्तुनिष्ठ पेपर, हर पेपर 300 मार्क्स और 2 घंटेकेवल मुख्य परीक्षा की पात्रता
मुख्य परीक्षा6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपरअंतिम मेरिट में जुड़ने वाले 1,500 मार्क्स
इंटरव्यूमुख्य परीक्षा के बाद व्यक्तित्व का आकलनअंतिम मेरिट में जुड़ने वाले 185 मार्क्स

प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा में बैठने की पात्रता तय करती है और उसके मार्क्स अंतिम सूची में नहीं जुड़ते। मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 4 पेपर और हिंदी के 2 पेपर के जरिए वर्णनात्मक उत्तर-लेखन परखा जाता है। इंटरव्यू मुख्य परीक्षा के बाद होता है और उसके मार्क्स अंतिम स्कोर में जुड़ते हैं। जुलाई 2026 तक, मेरिट का अधिकतम कुल 1,685 मार्क्स है; इसमें प्रारंभिक परीक्षा के मार्क्स नहीं जोड़े जाते। चरणवार पूरी तैयारी के लिए [एमपीपीएससी गाइड](/mppsc) देखें।

6 पेपर का पैटर्न एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा की पढ़ाई कैसे तय करता है?

हर विषय को अलग किताबों की सूची मानने के बजाय आधिकारिक 1,500 मार्क्स के ढांचे से पढ़ाई शुरू करें। सामान्य अध्ययन के हर पेपर के दोनों भागों के लिए अलग साप्ताहिक समय रखें, क्योंकि हर भाग 150 मार्क्स का है। 200 मार्क्स के सामान्य हिंदी एवं व्याकरण पेपर और 100 मार्क्स के हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन पेपर के लिए नियमित लेखन अभ्यास रखें; इनमें से किसी को केवल पात्रता वाला मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। सामान्य अध्ययन का पूरा पेपर 3 घंटे में, भाषा का पेपर 2 घंटे में और निबंध एवं प्रारूप लेखन का पेपर 2 घंटे 30 मिनट में हल करने का अभ्यास करें। कवरेज तय करने के लिए [पेपरवार सिलेबस](/mppsc/mains-syllabus), चरणवार तैयारी समझने के लिए [एमपीपीएससी गाइड](/mppsc) और मुद्दों से जुड़े उदाहरणों के लिए [करेंट अफ़ेयर्स](/current-affairs) का उपयोग करें। परीक्षा से पहले आधिकारिक अधिसूचना फिर देखें, क्योंकि एमपीपीएससी बाद में संशोधन जारी कर सकता है।

आधिकारिक स्रोत

इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।

  1. mppsc.mp.gov.in
  2. mppsc.mp.gov.in
  3. mppsc.mp.gov.in
  4. mppsc.mp.gov.in
  5. mppsc.mp.gov.in
  6. mppsc.mp.gov.in
  7. mppsc.mp.gov.in
  8. mppsc.mp.gov.in
  9. mppsc.mp.gov.in
  10. mppsc.mp.gov.in
  11. mppsc.mp.gov.in
  12. mppsc.mp.gov.in
  13. mppsc.mp.gov.in
  14. mppsc.mp.gov.in
  15. mppsc.mp.gov.in
  16. mppsc.mp.gov.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2026 में कितने अनिवार्य पेपर हैं?

जुलाई 2026 तक, एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा में 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर हैं। ये सभी मिलाकर 1,500 मार्क्स के हैं।

एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के कुल मार्क्स कितने हैं?

जुलाई 2026 तक, मुख्य परीक्षा 1,500 मार्क्स और इंटरव्यू 185 मार्क्स का है। अंतिम मेरिट 1,685 मार्क्स में से बनती है।

क्या एमपीपीएससी के हिंदी पेपर केवल पात्रता के लिए हैं?

नहीं। जुलाई 2026 तक, सामान्य हिंदी एवं व्याकरण 200 मार्क्स और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन 100 मार्क्स का है; दोनों के मार्क्स मुख्य परीक्षा के 1,500 मार्क्स में जुड़ते हैं।

क्या एमपीपीएससी सामान्य अध्ययन के उत्तर हिंदी में लिखे जा सकते हैं?

हाँ। जुलाई 2026 तक, सामान्य अध्ययन के पेपर 1-4 के दोनों भागों के उत्तर केवल हिंदी या अंग्रेजी में लिखे जा सकते हैं। पेपर 5 और 6 केवल हिंदी में हैं।

क्या एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के मार्क्स अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं?

नहीं। जुलाई 2026 तक, प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा के लिए पात्रता तय करती है। अंतिम चयन सूची केवल मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के मार्क्स से बनती है।