तैयारी गाइड
CTET पेपर 1 और पेपर 2 का सिलेबस
CTET पेपर 1 और पेपर 2 के सिलेबस में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 और भाषा 2 समान हैं। पेपर 1 में इसके साथ गणित और पर्यावरण अध्ययन हैं, जबकि पेपर 2 में शिक्षक की भूमिका के अनुसार गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन चुनना होता है।
CTET पेपर 1 या पेपर 2 किसे देना चाहिए?
पेपर 1 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर 2 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं। दोनों कक्षा-समूहों में पढ़ाने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थी को दोनों पेपर देने होते हैं। इसी चुनाव से सिलेबस का दायरा तय होता है: पेपर 1 में प्राथमिक स्तर के विषय आते हैं और पेपर 2 में उच्च प्राथमिक स्तर के विषय। इससे आवेदन से पहले तय शैक्षिक योग्यता जांचने की जरूरत खत्म नहीं होती। परीक्षा की पूरी जानकारी के लिए [CTET परीक्षा पेज](/ctet) देखें, लेकिन पेपर का चुनाव उसी कक्षा-समूह के अनुसार करें जिसमें आप पढ़ाना चाहते हैं। आधिकारिक बुलेटिन यह भी कहता है कि परीक्षा में बैठने की अनुमति को योग्यता की पुष्टि नहीं माना जाएगा; अंतिम जांच भर्ती संस्था या नियुक्ति अधिकारी करता है।
कौन-से खंड समान हैं और कौन-से अलग?
दोनों पेपर में 3 खंड समान हैं: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 और भाषा 2। हर समान खंड में 30 प्रश्न और 30 अंक होते हैं। बाकी खंड पेपर के अनुसार बदलता है।
| पेपर | समान खंड | अलग खंड |
|---|---|---|
| पेपर 1 | बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र; भाषा 1; भाषा 2 | गणित, 30 प्रश्न; पर्यावरण अध्ययन, 30 प्रश्न |
| पेपर 2 | बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र; भाषा 1; भाषा 2 | गणित एवं विज्ञान, 60 प्रश्न; या सामाजिक अध्ययन, 60 प्रश्न |
हर पेपर में कुल 150 प्रश्न और 150 अंक हैं। बुलेटिन के अनुसार पेपर 1 के सभी खंड अनिवार्य हैं। पेपर 2 में गणित एवं विज्ञान का खंड गणित और विज्ञान के शिक्षक के लिए है, सामाजिक अध्ययन का खंड उसी विषय के शिक्षक के लिए है, और किसी अन्य शिक्षक को इन दोनों में से कोई एक खंड लेना होता है।
समान बाल विकास खंड में क्या पढ़ना है?
दोनों पेपर में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के 30 प्रश्न होते हैं: बाल विकास से 15, समावेशी शिक्षा और विशेष जरूरत वाले बच्चों से 5, तथा सीखने और शिक्षाशास्त्र से 10 प्रश्न। आधिकारिक दायरे में विकास और सीखना, बाल विकास के सिद्धांत, आनुवंशिकता और वातावरण, समाजीकरण, पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की, बाल-केंद्रित शिक्षा, बुद्धि, भाषा और विचार, लिंग, बच्चों के बीच अंतर और आकलन शामिल हैं। समावेशी शिक्षा में अलग-अलग पृष्ठभूमियों, वंचित समुदायों, सीखने में कठिनाई, प्रतिभाशाली, रचनात्मक और विशेष जरूरत वाले बच्चों पर ध्यान है। शिक्षाशास्त्र में बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, पढ़ाने-सीखने की प्रक्रिया, दूसरों के साथ मिलकर सीखना, बच्चों की गलतियां, सोच और भावनाएं, प्रेरणा तथा सीखने पर व्यक्तिगत और आसपास के माहौल का असर शामिल है। विषय लगभग समान हैं, लेकिन पेपर 1 का संदर्भ प्राथमिक कक्षा का बच्चा और पेपर 2 का संदर्भ उच्च प्राथमिक कक्षा का बच्चा है।
भाषा 1 और भाषा 2 में क्या अंतर है?
भाषा 1 और भाषा 2 दोनों पेपर में अनिवार्य हैं और हर भाषा खंड में 30 प्रश्न होते हैं। भाषा 1 का जोर पढ़ाई की भाषा में पकड़ पर है; इसमें भाषा-बोध के 15 और भाषा-विकास के शिक्षाशास्त्र के 15 प्रश्न होते हैं। भाषा 2, भाषा 1 से अलग होनी चाहिए और इसमें भाषा, बातचीत और समझ की क्षमता पर जोर रहता है। इसके 30 प्रश्न भी बोध और भाषा-शिक्षाशास्त्र में बंटे हैं। दोनों भाषाओं में अपठित पाठों का ढंग अलग है: भाषा 1 में 2 अपठित अंश होते हैं—एक गद्य या नाटक और एक कविता—जबकि भाषा 2 में 2 अपठित गद्यांश होते हैं। दोनों के शिक्षाशास्त्र में भाषा सीखने और उसे अपनाने की प्रक्रिया, भाषा पढ़ाने के सिद्धांत, सुनना-बोलना, बातचीत में व्याकरण, कक्षा की भाषाई चुनौतियां, भाषा-कौशल, आकलन, पढ़ाने की सामग्री और सुधारात्मक शिक्षण आते हैं। फॉर्म में दोनों भाषाएं ध्यान से चुनें और प्रवेश-पत्र में दर्ज भाषाओं के प्रश्न ही हल करें।
पेपर 1 के अलग सिलेबस खंड कौन-से हैं?
पेपर 1 में गणित और पर्यावरण अध्ययन के अलग खंड हैं। दोनों में 30-30 प्रश्न होते हैं और विषय-वस्तु तथा शिक्षाशास्त्र के 15-15 प्रश्न होते हैं। गणित की विषय-वस्तु में ज्यामिति, आकृतियां और स्थान की समझ, ठोस आकार, संख्याएं, चार बुनियादी संक्रियाएं, माप, वजन, समय, आयतन, आंकड़ों को समझना, पैटर्न और पैसा आते हैं। इसके शिक्षाशास्त्र में तार्किक सोच, बच्चों की सोचने की रणनीतियां, पाठ्यक्रम में गणित की भूमिका, गणित की भाषा, रोजमर्रा का गणित, आकलन, पढ़ाने की समस्याएं, गलतियों का विश्लेषण और सुधारात्मक शिक्षण शामिल हैं। पर्यावरण अध्ययन की विषय-वस्तु में परिवार और मित्र—रिश्ते, काम और खेल, जानवर और पौधे—के साथ भोजन, आश्रय, पानी, यात्रा तथा हम जो चीजें बनाते और काम करते हैं, वे आते हैं। इसके शिक्षाशास्त्र में पर्यावरण अध्ययन का दायरा, समेकित पर्यावरण अध्ययन, पर्यावरण शिक्षा, सीखने के सिद्धांत, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से संबंध, विषय समझाने के तरीके, गतिविधियां, प्रयोग, चर्चा, आकलन, पढ़ाने की सामग्री और पढ़ाने की समस्याएं शामिल हैं। दोहराने के लिए [CTET सिलेबस पेज](/ctet/main/syllabus) देखें।
पेपर 2 में अलग विषय-चुनाव क्या हैं?
पेपर 2 में 60 प्रश्नों का एक विषय-खंड चुनना होता है। गणित एवं विज्ञान खंड में गणित के 30 और विज्ञान के 30 प्रश्न होते हैं। गणित में संख्या पद्धति, बीजगणित, ज्यामिति, बुनियादी आकृतियां, सममिति, रचना, क्षेत्रमिति, आंकड़ों को समझना और इनके शिक्षाशास्त्र के मुद्दे आते हैं। विज्ञान में भोजन, पदार्थ, जीव-जगत, गतिशील वस्तुएं, लोग और विचार, चीजें कैसे काम करती हैं, विद्युत धारा और परिपथ, चुंबक, प्राकृतिक घटनाएं, प्राकृतिक संसाधन और विज्ञान पढ़ाने से जुड़े मुद्दे आते हैं। दूसरा विकल्प सामाजिक अध्ययन है, जिसमें विषय-वस्तु के 40 और शिक्षाशास्त्र के 20 प्रश्न होते हैं। इसकी विषय-वस्तु की सीमा इतिहास, भूगोल तथा सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन है; शिक्षाशास्त्र में सामाजिक अध्ययन की प्रकृति, कक्षा में पढ़ाने-सीखने की प्रक्रियाएं, आलोचनात्मक सोच, जांच-पड़ताल और प्रमाण, पढ़ाने की समस्याएं, प्राथमिक और द्वितीयक स्रोत, परियोजना-कार्य और आकलन आते हैं। पेपर 2 के प्रश्न कक्षा 6 से 8 के एनसीईआरटी विषयों पर आधारित होते हैं, लेकिन प्रश्नों का कठिनाई स्तर और उनसे जुड़े विषय उच्च माध्यमिक स्तर तक हो सकते हैं।
सही पेपर चुनकर सिलेबस कैसे पूरा करें?
पढ़ाई की योजना बनाने से पहले यह आखिरी जांच कर लें:
- कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए पेपर 1, कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए पेपर 2 और दोनों कक्षा-समूहों के लिए दोनों पेपर चुनें।
- किसी भी पेपर में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 और भाषा 2 पूरा पढ़ें।
- पेपर 1 के लिए गणित और पर्यावरण अध्ययन में विषय-वस्तु तथा शिक्षाशास्त्र दोनों पूरा करें।
- पेपर 2 में शिक्षक की भूमिका के अनुसार गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन चुनें और चुने हुए खंड की विषय-वस्तु तथा शिक्षाशास्त्र दोनों पढ़ें।
- भाषा 2 को भाषा 1 से अलग रखें और दोनों में आने वाले अलग तरह के अपठित पाठों की तैयारी करें।
- आधिकारिक इकाइयों को पढ़ाई की जांच-सूची बनाएं; केवल विषय-वस्तु पढ़कर शिक्षाशास्त्र न छोड़ें।
- हर इकाई पूरी होने पर [बहुविकल्पीय प्रश्न अभ्यास](/mcq) से उसी खंड के प्रश्न हल करें।
यह जांच-सूची आधिकारिक CTET बुलेटिन में दिए पेपर ढांचे और सिलेबस की सीमाओं पर आधारित है।
आधिकारिक स्रोत
इस गाइड के लिए उपयोग किए गए स्रोत दस्तावेज़ देखें।
- cdnbbsr.s3waas.gov.in
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या बाल विकास और भाषा दोनों पेपर में समान हैं?
हां। दोनों पेपर में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा 1 और भाषा 2 होते हैं तथा हर खंड में 30 प्रश्न और 30 अंक हैं। बाल विकास का संदर्भ पेपर 1 में प्राथमिक कक्षा के बच्चे और पेपर 2 में उच्च प्राथमिक कक्षा के बच्चे से जुड़ा है।
क्या भाषा 1 और भाषा 2 एक ही हो सकती हैं?
नहीं। आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार भाषा 2, भाषा 1 से अलग होनी चाहिए। भाषा 1 का जोर पढ़ाई की भाषा में पकड़ पर है, जबकि भाषा 2 का जोर भाषा, बातचीत और समझ की क्षमता पर है।
क्या पर्यावरण अध्ययन पेपर 2 में आता है?
नहीं। पर्यावरण अध्ययन पेपर 1 में 30 प्रश्नों का अनिवार्य खंड है। पेपर 2 में इसके बजाय 60 प्रश्नों के लिए गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन में से एक विकल्प होता है।
गणित और विज्ञान के शिक्षक को पेपर 2 में कौन-सा विषय चुनना चाहिए?
आधिकारिक ढांचे में गणित एवं विज्ञान का खंड गणित और विज्ञान के शिक्षक के लिए है। इसमें गणित के 30 और विज्ञान के 30 प्रश्न होते हैं; किसी अन्य शिक्षक को यह खंड या सामाजिक अध्ययन में से एक चुनना होता है।
क्या CTET के प्रश्न केवल संबंधित कक्षाओं के स्तर तक रहते हैं?
बुलेटिन के अनुसार पेपर 1 के प्रश्न कक्षा 1 से 5 के एनसीईआरटी विषयों पर आधारित होते हैं, लेकिन प्रश्नों का कठिनाई स्तर और उनसे जुड़े विषय माध्यमिक स्तर तक हो सकते हैं। पेपर 2 के प्रश्न कक्षा 6 से 8 के विषयों पर आधारित होते हैं, लेकिन प्रश्नों का कठिनाई स्तर और उनसे जुड़े विषय उच्च माध्यमिक स्तर तक हो सकते हैं।
