राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग ने 'विद्यालय के भामाशाह योजना 2025' शुरू की — यह मेवाड़ की ऐतिहासिक भामाशाह परंपरा पर आधारित है, जिसमें भामाशाह ने महाराणा प्रताप के लिए अपनी निजी संपत्ति दान की थी। इस योजना के तहत व्यक्ति, NRI, पूर्व छात्र समूह, ट्रस्ट और कॉर्पोरेट संस्थाएं न्यूनतम 5 वर्ष की प्रतिबद्धता के साथ सरकारी स्कूलों को 'गोद' लेकर बुनियादी ढाँचे के विकास में योगदान दे सकती हैं। योग्य योगदान में स्मार्ट क्लासरूम, फर्नीचर, स्वच्छता सुविधाएं, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल क्षेत्र, पेयजल इकाइयाँ और चहारदीवारी शामिल हैं। यह नीति कंपनी अधिनियम 2013 के तहत CSR मानदंडों के अनुरूप है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 65,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लक्ष्य की पूरक है। 22 नवंबर 2025 को उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन की राजस्थान यात्रा के दौरान भी इस योजना पर ध्यान दिया गया।