ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने ULPIN और DIGIPIN के बीच तालमेल की संभावनाएं तलाशने के लिए राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) और डाक विभाग के साथ विचार-मंथन बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता DoLR सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने की। इसमें संयुक्त सचिव (भूमि संसाधन) श्री पी. नरहरि, अतिरिक्त महानिदेशक (डाक) श्री गोकुल कुलपति और NIUA निदेशक सुश्री देबोलीना कुंडू शामिल हुए।

ULPIN हर ग्रामीण और शहरी भूमि पार्सल को एक अद्वितीय डिजिटल पहचान देता है, जबकि DIGIPIN सटीक भू-संदर्भित स्थान की पहचान संभव बनाता है। इन दोनों प्रणालियों के एकीकरण से अंतरसंचालनीयता मजबूत होगी, सार्वजनिक सेवा वितरण बेहतर होगा और सरकार के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में प्रतिभागियों ने पायलट परियोजनाएं शुरू करने और सरकारी प्लेटफॉर्म पर सहज एकीकरण के लिए एक खुला, मानक-आधारित API आर्किटेक्चर मिलकर विकसित करने पर सहमति जताई। इससे स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और इनोवेटर्स को नागरिक-केंद्रित भू-स्थानिक ऐप्स और मूल्य-वर्धित सेवाएं बनाने में मदद मिलेगी। यह पहल डिजिटल इंडिया की परिकल्पना और खुले मानकों, नवाचार व डिजिटल परिवर्तन के सिद्धांतों के अनुरूप है।