मलयालम सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता मोहनलाल को 2023 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया। यह भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है और इसे भारतीय सिनेमा के विकास में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। पुरस्कार 23 सितंबर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोहनलाल को यह सम्मान दिया।

परीक्षा की दृष्टि से यह विषय पुरस्कारों और समसामयिकी के साथ स्टैटिक जीके से भी जुड़ता है। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 1969 में भारत सरकार ने दादासाहेब फाल्के के भारतीय सिनेमा में योगदान की स्मृति में शुरू किया था। दादासाहेब फाल्के ने 1913 में भारत की पहली पूर्ण लंबाई फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र का निर्देशन किया था। इसलिए इस पुरस्कार से जुड़े प्रश्नों में सम्मान का स्तर, वर्ष, समारोह, प्राप्तकर्ता और पुरस्कार की प्रकृति पूछी जा सकती है। इस बार चयन समिति में मिथुन चक्रवर्ती, शंकर महादेवन और आशुतोष गोवारिकर शामिल थे, इसलिए समिति और प्राप्तकर्ता को अलग-अलग याद रखना भी उपयोगी है।

मोहनलाल को अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनका करियर लगभग पांच दशकों तक फैला है और वे 360 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्हें पहले पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2019) से भी सम्मानित किया जा चुका है। पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, शॉल और ₹10 लाख की नकद राशि शामिल है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह तथ्य राष्ट्रीय पुरस्कारों, संस्कृति, सिनेमा और व्यक्तित्व-आधारित समसामयिकी के अंतर्गत उपयोगी है।